एचएनबी केंद्रीय गढ़वाल विश्वविद्यालय और जर्मनी के होहेनहाइम विश्वविद्यालय स्ट्टगार्ट के मध्य शोध कार्यों एवं शैक्षिक आदान-प्रदान के लिए करार (एमओयू) हो गया है। दोनों विवि एक दूसरे को तकनीकी और अन्य संसाधनों को साझा करेंगे। साथ ही गढ़वाल विवि के छात्रों को होहेनहेम विवि में सीखने का मौका मिलेगा।
शुक्रवार को गढ़वाल विवि के स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर एंड एलाइड साइंसेज एवं जियोलॉजी विभाग और यूनिवर्सिटी ऑफ होहेनहाइम स्ट्टगार्ट की ओर से आयोजित पांच दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला का समापन हो गया। कार्यशाला के दौरान होहेनहेम विवि के वैज्ञानिकों ने रुद्रप्रयाग और टिहरी जिले के गांवों का भी भ्रमण किया।
कार्यशाला में जर्मनी टीम की प्रोफेसर एंड्रियास ने हिमालय के पारिस्थितिकी तंत्र की जटिलता एवं उसके समुचित प्रबंधन को समझने हेतु आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों का प्रयोग करने की आवश्यकता पर जोर दिया। प्रो. सबीना ने ग्रामीण क्षेत्रों में जैविक कृषि पर चल रहे प्रयासों को सराहा।
कार्यशाला के समापन में गढ़वाल विवि के प्रति कुलपति प्रो. आरसी भट्ट और होहेनहाइम विवि की डॉ. कैरोलिन ने दोनों विश्वविद्यालयों के मध्य शोध एवं विकास कार्यों और विद्यार्थियों एवं फैकल्टी के आदान-प्रदान हेतु समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किए।