हल्द्वानी। एक ओर पेयजल लाइनों में लीकेज होने के कारण सैकड़ों लीटर पानी सड़कों पर बह रहा है। वहीं, दूसरी ओर तीन नलकूपों कई बीतने के बाद भी अब तक दुरुस्त न होने के कारण इनसे जुड़े इलाकों में 15 हजार आबादी पेयजलापूर्ति ठप से प्रभावित है।
नैनीताल रोड पर स्थित सोबन सिंह जीना बेस अस्पताल के मुख्य गेट के सामने से लेकर ओके होटल चौराहे तक तीन स्थानों पर पेयजल लाइन लीकेज होने के कारण सैकड़ों लीटर पानी रोजाना सड़क पर बह रहा है मगर जलसंस्थान को कोई परवाहन नहीं है। आसपास के व्यापारियों का कहना है कि पेयजल लाइन लीकेज होने की वजह से सड़क भी क्षतिग्रस्त हो रही है। इस संबंध में जलसंस्थान को सूचित कर चुके हैं लेकिन कोई ठीक करने नहीं आया।
इसके अलावा जलसंस्थान के पनियाली, भगवानपुर और फुटकुआं का नलकूप पिछले हफ्ते से खराब होने से क्षेत्र में पेयजलापूर्ति ठप है। इससे जुड़े क्षेत्रों में 15 हजार की आबादी प्रभावित है। ग्रामीणों को मजबूरी में निजी टैंकरों से पानी खरीदना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि नलकूप दुरुस्त न होने के कारण काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जलसंस्थान के अधिकारियों ने बताया कि नलकूपों को जल्द ठीक करने की कोशिश की जा रही है तथा प्रभावित क्षेत्रों में टैंकरों से पानी वितरित किया जा रहा है।
बजट न मिलने से पेयजल लाइन सुधार का काम अधर में
हल्द्वानी। चंबल पुल पेयजल योजना सुधार के लिए बजट न मिलने से अधर में लटक गई है। रकसिया नाले की वजह से चंबल पुल की सुरक्षा को भी खतरा पैदा हो गया है। नाले के तेज बहाव के कारण पुल के नीचे सतह काफी हद तक खोखली हो चुकी है जिसके कारण चंबल पुल की सुरक्षा को भी खतरा बना हुआ है
दमुआढूंगा को जोड़ने वाले रास्ते में करीब तीन दशक पूर्व चंबल पुल का निर्माण किया गया था। इसी पुल के नीचे से बिठौरिया और लालडांट क्षेत्र के लिए जल संस्थान की पेयजल लाइन जा रही है। हालात यह है कि इसी चंबल पुल के नीचे से बरसात के दिनों में पहाड़ से आने वाला रकसिया नाला भी गुजरता है नाले में पानी का तेज बहाव होने के कारण तीन महीने के अंदर पांच बार पेयजल लाइन टूटने से क्षेत्र की पेयजल आपूर्ति ठप हुई तो चंबल पुल के नीचे की सतह भी काफी हद तक खोखली हो चुकी है। पिछले वर्ष 19 अगस्त को तत्कालीन सिटी मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिंह और लोनिवि एवं जल संस्थान सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने दौरा किया था जिसमें इस पुल की मरम्मत कराने पर जोड़ दिया गया था लेकिन समय के साथ-साथ पुल की मरम्मत की योजना भी प्रशासन के अधिकारी भूल गए। इधर जल संस्थान ने पेयजल लाइन को बार-बार टूटने से बचाने के लिए पेयजल लाइन सुधार के लिए देवी आपदा मद से करीब साढ़े आठ लाख रुपए दिए जाने के लिए प्रस्ताव जिला प्रशासन को भेजा था लेकिन बरसात भी गुजर गई मगर यह प्रस्ताव अब तक स्वीकृत नहीं हो पाया इस कारण जल संस्थान की चंबल पुल की पेयजल लाइन सुधार की योजना पूरी नहीं हो सकी।
जल संस्थान के अधिशासी अभियंता एसके श्रीवास्तव का कहना है कि पेजर सुधार योजना के लिए प्रस्ताव भेजा हुआ है धनराशि स्वीकृत होने के बाद कार्य कराया जाएगा।
बेस अस्पताल के सामने मुख्य पेयजल लाइन में लीकेज होने की जानकारी है। मुख्य मार्ग होने के कारण इस रोड पर ट्रैफिक अधिक है तथा लीकेज ठीक करने के लिए नैनीताल रोड की पानी की सप्लाई भी रोकनी पड़ेगी। इस समय त्योहार का मौका होने के कारण इसे दशहरा पर्व के अगले दिन ठीक कराने की तैयारी की ताकि त्योहार पर लोगों को पानी बंद होने से समस्या न आए। जहां लाइन में लीकेज हैं वहां मरम्मत शुरू करने पर ट्रैफिक भी प्रभावित होगा। इन सब बिंदुओं को देखते हुए अभी लीकेज ठीक नहीं कराया गया है।
- एसके श्रीवास्तव अधिशासी अभियंता, जलसंस्थान