याचिकाकर्ता के आरोप
- मामले में अधिकारी सहित करीब 27 एनजीओ शामिल।
- कौशल विकास प्रशिक्षण योजना के नाम पर कई अनियमितताएं की गईं।
- कोरोनाकाल में प्रदेश के 55 हजार छात्रों को प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभाग कराकर उन्हें नौकरी तक आवंटित कर दी गई।
- ऐसे लोगों के नाम पर धन दिया गया जो मर चुके हैं या 18 साल से कम उम्र के हैं और पूरी तरह से अपने माता पिता पर निर्भर हैं।
- जिन छात्रों के आधारकार्ड लगाए गए हैं वे पूरी तरह फर्जी हैं।
- कोरोनाकाल में प्रशिक्षण बंद था।