भीमताल के पदमपुरी मार्ग पर स्थित बमेटा गांव के पुल के पास मंगलवार को गधेरे में नहाते समय डूबे सैन्यकर्मी हिमांशु दफौटिया का 72 घंटे बाद भी पता नहीं चल पाया है। वहीं हिमांशु के परिजनों ने चार दिन बाद भी हिमांशु के नहीं मिल पाने पर प्रशासन के लिए नाराजगी जाहिर की है।
खाश बुर्जग की बात मान ली होती तो नहीं डूबता हिमांशु
बमेटा पुल के पास गधेरे में जिस जगह हिमांशु देफौटिया अपने चार दोस्तों के साथ नहा रहा था। उस जगह एक बुजुर्ग व्यक्ति ने सभी से पानी का बहाव अधिक होने की बात कहकर नहाने से मना किया था। जिसके बाद चार दोस्त वापस आ गए थे। लेकिन हिमांशु गधेरे में नहाते रहा अचानक पानी का बहाव तेज होने से हिमांशु बह गया। स्थानीय लोगों ने कहा अगर हिमांशु बुजुर्ग की बात मान लेता तो शायद वह डूबा नहीं होता।
छुट्टी मनाने पहुंचे थे सभी दोस्त
मंगलवार की शाम 3.30 बजे सभी दोस्त घूमने के लिए पहुंचे हुए थे। लेकिन गधेरे में पानी देख सभी नहाने उतर गए। हिमांशु के दोस्तों ने पुलिस को बताया कि वह लोग छुट्टी पर घूमने आए हुए थे।
तीन साल में चार लोगों की जा चुकी हैं जान