हल्द्वानी। शहर के दूरस्थ गांव पनियाली के छह सौ परिवार योजना शुरू होने के दो साल बाद भी पेयजल सुविधा से वंचित हैं। ग्रामीण गर्मी में पानी के लिए भटकने को मजबूर हैं।
दो करोड़ 22 लाख की लागत से 2020-21 में मंजूर पनियाली पेयजल योजना मंजूर होने के बावजूद लोग पानी को तरस रहे हैं। दरअसल जल निगम की ओर से गांव में बिछाई पानी की लाइन अगस्त 2023 में आई आपदा के दौरान क्षतिग्रस्त हो गई। इसके बाद से समस्या जस की तस बनी हुई है। वर्तमान में गांव में आबादी भी बढ़ गई है अब पानी की वैकल्पिक व्यवस्था पुराने नलकूप और टैंकरों से चल रही है। ग्रामीण निजी टैंकरों से पानी खरीदने को मजबूर हैं।
सिंचाई के नलकूप से बरसात में थोड़ा पानी मिलता था लेकिन गर्मी में वहां से भी आपूर्ति बंद है। निजी टैंकरों से पानी मंगवाकर पी रहे हैं।
भागीरथी जोशी, निवासी पनियाली ग्रामसभा
जल जीवन मिशन की योजना से गांव में पानी आने की उम्मीद जगी थी। विभाग ने लापरवाही से पानी नहीं मिल पा रहा है।
भैरव दत्त जोशी, पनियाली निवासी ग्रामीण
करोड़ों खर्च होने के बाद भी घरों में पेयजल संकट बना हुआ है। पेयजल लाइनें बिछाकर अधूरा कार्य किया गया है।
हीरा सिंह बजेठा, पनियाली निवासी
विभाग और ठेकेदारों ने योजना के तहत कार्य को स्थायी रूप से पूरा नहीं किया है। गांव में पेयजल संकट की समस्या बनी हुई है।
रागिनी आर्या प्रधान, पनियाली ग्रामसभा
योजना के तहत जलस्रोत से पानी की व्यवस्था की गई थी लेकिन अगस्त 2023 के समय आई आपदा में स्रोत क्षतिग्रस्त हो गया। अब सीताराम आश्रम के पास स्रोत से पानी की व्यवस्था को लेकर विवाद चल रहा है। वर्तमान में वैकल्पिक व्यवस्था से पानी बांटा जा रहा है।
विवेक भट्ट, जेई जल निगम नैनीताल