बता दें कि, रामपुर रोड की सड़क का काम 31 दिसंबर तक पूरा नहीं हो सकेगा, क्योंकि कछुआ गति से काम चल रहा है। सड़क किनारे मिट्टी के ढेर लगे हैं। कई जगह सड़क के फुटपाथ खोदकर छोड़ दिए हैं। सुरक्षा मानकों का खुला उल्लंघन हो रहा है। अगर कोहरा छाया तो दुर्घटनाएं होना तय हैं।
ब्रिडकुल के अधिकारी इतने लापरवाह हो गए हैं कि उन्हें डीएम, कमिश्नर और यहां तक कि सचिव सचिवालय प्रशासन विनोद कुमार सुमन तक के निर्देशों का कोई फर्क नहीं पड़ रहा है। क्या इस सड़क के लिए मुख्य सचिव (सीएस) को आना पड़ेगा, तब ब्रिडकुल के अधिकारी जागेंगे।
यातायात नगर से रुद्रपुर मटकोटा मोड़ तक सड़क की चौड़ाई सात मीटर से बढ़ाकर 10 मीटर की जानी है। इसकी लंबाई 21 किमी है। सड़क पर काम शुरू हुए 22 महीने बीत चुके हैं। हद तो यह है कि विभागों के बीच सामंजस्य न होने से अभी तक सड़क चौड़ीकरण की जद में आ रहे 147 पेड़ नहीं कटे हैं। इस कारण बिजली की लाइन नहीं डाली गई है।
उधर, डीएम वंदना, कमिश्नर दीपक रावत और सचिव सचिवालय प्रशासन विनोद कुमार सुमन भी सड़क का निरीक्षण कर चुके हैं। वे ब्रिडकुल के अधिकारियों को काम में तेजी लाने के निर्देश दे चुके हैं। इसके बाद भी ब्रिडकुल के अधिकारियों की ओर से सड़क निर्माण के कार्य में तेजी नहीं लाई जा रही है।