पिथौरागढ़। सीमांत जिले के विभिन्न हिस्सों में लगातार हो रही बारिश के कारण जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। भारी बारिश के कारण छह ग्रामीण और एक बॉर्डर सड़क बंद चल रही है। लगातार हो रही बारिश के कारण नदियां और गाड़- गधेरे उफान पर हैं। इस कारण नदियों के किनारे रह रहे लोग सहमे हुए हैं।
जिले में बांसबगड़-कोटा-पंद्रहपाला, कालिका खुमती, देवीसूनी-खेतारकन्याल, बैराज-बोगाड़, बोक्टा-भंडारीगांव रजवार, सैनीखेत-छिलौड़ी, दरकोट- मुनस्यारी सड़क बंद हैं। भारी बारिश के कारण मुनस्यारी-जौलजीबी एनएच के दरकोट के पास बंद होने से कई वाहन फंसे रहे। बीआरओ सड़क का खोलने का प्रयास कर रही है। वाहन कव्वाधार बर्नियागांव होकर आवाजाही कर रहे हैं।
टनकपुर-तवाघाट एनएच में नैनीपातल कूड़ादान, पलेटा, पनखोली, धूसाखान शिवमंदिर सहित कई अन्य स्थानों पर लगातार बोल्डर गिर रहे हैं। इससे वाहनों के दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा बढ़ गया है। बीआरओ ने चीन सीमा को जाने वाली मलघाट में बंद तवाघाट-लिपुलेख सड़क को खोल दिया है। इसके बाद पर्यटकों, स्थानीय लोगों और सुरक्षा एजेंसियों ने राहत की सांस ली है।
धारचूला में हुई सर्वाधिक बारिश
पिथौरागढ़। सीमांत जिले के विभिन्न हिस्सों में हर रोज बारिश हो रही है। सर्वाधिक बारिश धारचूला में 17.40 मिमी बारिश हुई। डीडीहाट में 11.00, मुनस्यारी में 10.00, बेड़ीनाग में 8.00, गंगोलीहाट में 1.00 मिमी बारिश हुई। काली नदी खतरे के निशान के पास पहुंचने वाली है। काली नदी 889.00 मीटर पर बह रही है। इसका खतरे का निशान 890.00 मीटर है। गोरी नदी मदकोट 1211.60 पर बह रही है। इसका खतरे का निशान 1215.10 मीटर है। गोरी नदी जौलजीबी 604.80 पर बह रही है। इसका खतरे का निशान 606.80 मीटर है। सरयू नदी 446.50 पर बह रही है। इसका खतरे का निशान 453.00 है। डीएम डॉ. आशीष चौहान ने लोगों से नदियों के किनारे न जाने की अपील की है।