नैनीताल। हाईकोर्ट ने देहरादून की बिंदाल और रिस्पना नदियों पर हो रहे अतिक्रमण के मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद एमडीडीए के सचिव और जिलाधिकारी देहरादून को चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने जिलाधिकारी को निर्देश दिए हैं कि वह बिंदाल के उद्गम स्थल का व्यक्तिगत रूप से सर्वे करें और वहां फ्लड जोन घोषित करें।
मुख्य न्यायाधीश आरएस चौहान एवं न्यायमूर्ति एनएस धानिक की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। देहरादून निवासी पर्यावरणविद् रीनू पॉल ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि राजपुर क्षेत्र में बिंदाल और रिस्पना नदियों के उद्गम क्षेत्र में हुए अतिक्रमण और अवैध निर्माण से देहरादून की दोनों जीवनदायनी नदियों को खतरा उत्पन्न हो गया है। याचिकाकर्ता ने फोटोग्राफ के माध्यम से वस्तुस्थिति को कोर्ट के समक्ष रखा जिसमें राजपुर क्षेत्र में अतिक्रमण साफ दिखाई दे रहा था।