नैनीताल। जिला उपभोक्ता आयोग ने मोतियाबिंद के ऑपरेशन के बाद भी अपनी आंख की रोशनी गंवाने वाले तीन पीड़ितों को 45 दिन के भीतर तीन-तीन लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है।
सेवानिवृत्त सैनिक रमेश चंद्र जोशी, पूरन सिंह व शाहिदा खातून ने 13 अक्तूबर 2017 को रामनगर के वेणू नेत्र संस्थान में मोतियाबिंद का आपरेशन कराया था। आपरेशन के दो दिन के बाद ही इन सभी लोगों की आंखों में सूजन आ गई और उसमें पस बनना शुरू हो गया। अस्पताल ने तीनों का इलाज किया लेकिन उनके आंखों की रोशनी चली गई। पीड़ितों ने जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराई। सोमवार को आयोग के अध्यक्ष रमेश कुमार जायसवाल, सदस्या विजय लक्ष्मी थापा व सदस्य लक्ष्मण सिंह रावत ने शिकायतों पर सुनवाई की। पत्रावलियों के अध्ययन के बाद आयोग ने माना कि यदि डॉक्टर की गलती नहीं मानी जाए तो भी पीड़ितों की आंखों में सूजन आने व पस बनने के पीछे कहीं न कहीं ऑपरेशन थियेटर में प्रयोग में लाए गए उपकरणों की साफ-सफाई में चूक रही है। इसके लिए नेत्र संस्थान प्रबंधन जिम्मेदार है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद आयोग ने वेणू नेत्र संस्थान रामनगर के प्रबंधन को पीड़ितों को हुई परेशानी, शारीरिक क्षति, मानसिक वेदना तथा आर्थिक परेशानियों के लिए जिम्मदार ठहराते हुए संस्थान को तीनों पीड़ितों को तीन-तीन लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया।