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मंत्री की घोषणा के बाद भी नहीं बढ़ा धान

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हल्द्वानी। कैबिनेट मंत्री बंशीधर भगत की घोषणा के बाद भी प्रदेश में धान खरीद नहीं बढ़ सकी। उधर राज्य में लगभग धान खरीद पूरी हो गई है। किसानों का धान भी पूरा खरीदा जा चुका है, ऐसे में लक्ष्य से अधिक धान खरीद अब होना संभव नहीं है।
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कैबिनेट मंत्री बंशीधर भगत ने सात दिसंबर को प्रेस नोट जारी कर कहा था कि उन्होंने मंगलवार को केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात की थी। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से कहा था कि राज्य ने निर्धारित लक्ष्य 11.63 लाख मीट्रिक टन निर्धारित किया था। वह राज्य ने लगभग पूरा कर लिया है। भगत ने कहा था कि उन्होंने केंद्र से अतिरिक्त धान खरीद की अनुमति मांगी थी। इस पर केंद्रीय मंत्री गोयल ने अतिरिक्त धान खरीद की अनुमति प्रदान करने का आदेश जारी किया है।
तीन जनवरी के बाद भी अतिरिक्त धान नहीं खरीदा गया। अब उत्तराखंड के किसानों ने अपना धान बेच दिया है। किसानों के पास लगभग धान भी खत्म हो चुका है। उधर, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने तीन जनवरी 2022 तक लक्ष्य लगभग पूरा कर लिया है। अब मात्र 6107 क्विंटल की खरीद बची है।
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उधर, विभाग ने प्रदेश में किसानों का धान खरीद नहीं होने पर सरकारी तौल केंद्र का धान भी कमीशन एजेंटों को दे दिया है। ऐसे में अब धान खरीद होना मुश्किल लगता है। विभाग की ओर से सरकारी तौल केंद्र का धान कमीशन एजेंटों को देने पर भी यहीं तर्क दिया गया कि किसानों के पास धान नहीं है। इस कारण वह सरकारी तौल केंद्रों में नहीं आ रहे हैं। अब सवाल उठ रहा है कि जब प्रदेश में किसानों का धान ही खत्म हो गया तो धान खरीद किसके लिए करने की बात की गई।
प्रदेश में किसानों का धान पूरा खरीद लिया गया है। अब किसानों के पास धान नहीं बचा है। ऐसे में धान खरीद का कोई औचित्य नहीं है। -हरवीर सिंह, आरएफसी कुमाऊं
धान खरीद का जितना लक्ष्य था, उससे हजारों क्विंटल धान अधिक खरीदा गया है। प्रदेश में धान खत्म हो गया है इसलिए अतिरिक्त धान नहीं खरीदा गया। जरूरत होगी तो धान बढ़ा लेंगे।
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बंशीधर भगत, कैबिनेट मंत्री
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