हल्द्वानी में बीयरशिबा स्कूल में छुट्टी के बाद घर जाते बच्चे। अमर उजाला
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हल्द्वानी। तीन पब्लिक स्कूलों को छोड़कर बुधवार से हल्द्वानी के सभी पब्लिक स्कूल खुल गए। स्कूलों में छठी से 12वीं तक की कक्षाओं में ऑफलाइन पढ़ाई शुरू होने से बच्चे काफी खुश दिखे। पहले दिन स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति 30 से 35 फीसदी रही। वहीं, स्कूल बसें न चलने के कारण अभिभावकों पर बच्चों को छोड़ने-लाने की जिम्मेदारी रही।
कोरोना के चलते अप्रैल माह में शासन ने स्कूलों को बंद कर दिया था। शासन के आदेश पर बुधवार को हल्द्वानी के पब्लिक स्कूल खुले। बीरशिवा, क्वींस, केवीएम, जिम कॉर्बेट, सिंथिया, सेंट लॉरेंस समेत सभी स्कूलों में गेट पर ही छात्र-छात्राओं की थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही थी। बच्चों में भी लंबे समय बाद स्कूल खुलने को लेकर काफी उत्साह था। हल्द्वानी में सीबीएसई से मान्यता प्राप्त करीब 60 पब्लिक स्कूल चल रहे हैं। खंड शिक्षा अधिकारी हरेंद्र मिश्र ने बताया कि पब्लिक स्कूलों में पहले दिन बच्चों की 30 से 35 फीसदी उपस्थिति रही। इधर, मुख्य शिक्षा अधिकारी केके गुप्ता ने बताया कि जिले के सरकारी स्कूलों में छठी से 12वीं तक की कक्षाओं में 62 फीसदी बच्चों की उपस्थिति दर्ज की गई।
किसी अधिकारी ने नहीं किया स्कूलों का निरीक्षण
हल्द्वानी। शासन के स्पष्ट आदेश हैं कि शासकीय, अशासकीय और निजी स्कूलों में पठन-पाठन शुरू होने पर शिक्षा विभाग के अधिकारी नियमित रूप से औचक निरीक्षण करेंगे। वे देखेंगे कि स्कूलों में कोविड से बचाव को लेकर गाइडलाइन का पालन हो रहा है या नहीं। बुधवार से पब्लिक स्कूल खुलने पर शिक्षा विभाग का कोई भी अधिकारी किसी स्कूल का निरीक्षण करने नहीं पहुंचा।
पीएसए का कहना:
वैसे तो सभी पब्लिक स्कूल खुल गए लेकिन अभिभावकों की सहमति न मिलने के कारण तीन स्कूल अभी नहीं खुले हैं। सरकार ने केवल ट्यूशन फीस लेने की अनुमति दी है जबकि स्कूल खोलने पर विभिन्न खर्चे भी बढ़ेंगे। इसलिए सरकार से मांग की है कि ऑफलाइन क्लास संचालित करने पर स्कूलों को अन्य मदों में भी फीस लेने की अनुमति दी जाए। इसी कारण अधिकांश स्कूल बसें नहीं चला रहे हैं।
कैलाश भगत अध्यक्ष, पब्लिक स्कूल एसोसिएशन