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आपदा पीड़ितों में दीपावली को लेकर कोई उत्साह नहीं

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नैनीताल/गरमपानी/पहाड़पानी/बेतालघाट। 18-19 अक्तूबर को आई दैवी आपदा ने कई लोगों के घर तबाह कर दिए थे और कई लोगों का जीवन भी लील लिया था। ऐसे में आपदा प्रभावित परिवारों में दीपावली को लेकर कोई विशेष उत्साह नहीं है। आपदा प्रभावितों का कहना है कि वह नाम मात्र के रूप में ही त्योहार मना रहे हैं।
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पिछले दिनों दैवी आपदा में नैनीताल जिले के बेतालघाट, ओखलकांडा, रामगढ़, धारी और भीमताल ब्लॉक क्षेत्र में कई लोगाें की जान चली गईं और कई के घर, खेत-खलियान आपदा के चपेट में आ गए थे। ऐसे में आपदा प्रभावितों में दीपावली को लेकर कोई विशेष उत्साह नजर नहीं आ रहा है।
कोट
- बेतालघाट ब्लॉक के जाख गांव में पिछले दिनों आई आपदा से ग्रामीण जनजीवन अब भी अस्त व्यस्त है। आपदा के दो सप्ताह बाद भी मोटर मार्ग जगह जगह क्षतिग्रस्त हैं। गांव में बिजली नहीं है। - सुरेंद्र सिंह अधिकारी, पूर्व प्रधान निवासी जाख।
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- गांव में बिजली और सड़क का आपदा से संपर्क टूटने से ग्रामीण अंधेरे में हैं। मोबाइल चार्ज करने के लिए रातीघाट गरमपानी जाना पड़ रहा है। आपदा की मार ने दिवाली का त्योहार फीका कर दिया है। - कैलाश सिंह निवासी जाख।
आपदा में मेरा मकान बह गया, अभी भाई के यहां रह रहा हूं। दीपावली में बस यही अच्छा है कि मेरे बच्चे सकुशल है। क्योंकि बाढ़ वाले दिन बच्चे उसी घर में सोए थे, जो बह गया। - भुवन सिंह सेठी, निवासी धारीकोट बेतालघाट
हमारे भी कई खेत बह गए। गांव में पूरन चंद्र के मकान में मलबा भर गया है। मनरेगा की मजदूरी की है। अब तक भुगतान नहीं हुआ है। बस दीवाली सामान्य है। क्या करें। - गिरीश चंद्र पटोड़ी बेतालघाट
गांव में दीपावली की रौनक आपदा ने छीन ली, एक परिवार के छह लोग मलबे में दब गए थे। दीपावली में खुशियां नहीं मना सकते हैं। बस पर्व को दीपावली के नाम पर मनाया जाएगा। - गणेश सिंह ठठोला, ग्राम प्रधान थलाड़ी
आपदा के समय गांव की स्थिति को देखते हुए अब भी मन में डर है। आपदा का वह दृश्य अब भी नहीं भूल पाए है। इस आपदा ने दीपावली की रौनक ही खत्म कर दी है। - प्रताप सिंह, बुजुर्ग ग्रामीण
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