हल्द्वानी। एमबीपीजी कॉलेज के नवनियुक्त प्राचार्य डॉ. एनएस बनकोटी ने शनिवार को कार्यभार संभाल लिया। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय में बेहतर शिक्षण के लिए माहौल तैयार किया जाएगा। प्रतिदिन किस शिक्षक ने कितने पीरियड पढ़ाए, इसका डाटा भी तैयार किया जाएगा। शिक्षण कार्य में लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों पर लगाम कसी जाएगी और अच्छा कार्य करने वाले शिक्षकों को पुरस्कृत किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 21 मार्च से कॉलेज में ऑफलाइन नियमित पढ़ाई होगी।
शनिवार को नवनियुक्त प्राचार्य डॉ. एनएस बनकोटी के कॉलेज पहुंचने पर शिक्षकों और कर्मचारियों ने बुकें देकर उनका स्वागत किया। प्रभारी प्राचार्य डॉ. बीआर पंत से कार्यभार ग्रहण किया। उच्चशिक्षा विभाग में नियुक्ति होने पर बॉटनी के प्राध्यापक के रूप में डॉ. बनकोटी ने वर्ष 1996 में सबसे पहले रानीखेत महाविद्यालय में ज्वाइन किया। वहां 11 वर्ष शिक्षण कार्य करने के उपरांत वर्ष 2006 से वर्ष 2017 तक पिथौरागढ़ महाविद्यालय में तैनात रहे। शासन ने वर्ष 2017 में उनकी तैनाती उच्चशिक्षा निदेशालय में उपनिदेशक के पद पर कर दी। तब से वह निदेशालय में कार्य कर रहे थे। नव नियुक्ति प्राचार्य डॉ. बनकोटी ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि महाविद्यालय में बेहतर ढंग से पढ़ाई हो, इस पर उनका खास फोकस होगा। डॉ. बनकोटी ने स्पष्ट रूप से कहा कि उन्हें प्राचार्य की परिक्रमा करने वाले शिक्षक बिल्कुल पसंद नहीं हैं। शिक्षक क्लास ले रहे हैं या नहीं इसकी वह स्वयं औचक निरीक्षण करेंगे। लापरवाह शिक्षकों को सूचीबद्ध किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सर्वोच्च प्राथमिकता होगी कुमाऊं के सबसे बड़े महाविद्यालय को स्वच्छ ग्रीन और क्लीन कैंपस के रूप में विकसित किया जाए। इस दौरान वरिष्ठ डॉ. बीआर पंत, डॉ. महेश कुमार, डॉ. संजय खत्री, डॉ. नीलोफर अख्तर, डॉ. अनीता जोशी, डॉ. सुचेता साह, डॉ. सीएस नेगी, अतुल जोशी, नवीन शर्मा, प्रकाश बहुगुणा, महेंद्र सुनरी आदि ने नए प्राचार्य का स्वागत किया।