नैनीताल। सर्दियों में हार्ट अटैक के कारण प्रतिवर्ष चार से पांच लोगों की मौत होती है। साथ ही प्रतिमाह हार्ट अटैक के 12 से अधिक मरीज आते हैं।
ठंड में दमा के मरीजों के अलावा हृदय रोगियों को भी काफी सावधानी बरतने की आवश्यकता है। सर्दियों में रक्तवाहिनियां सिकुड़ जाती हैं और हृदय को खून पहुंचाने वाली धमनियों पर भी इसका असर पड़ता है।
इसलिए सर्दियों में हृदय रोगियों में हार्ट अटैक का खतरा अधिक होता है। नैनीताल में प्रतिमाह एक दर्जन से ज्यादा लोग हार्ट अटैक के बाद इलाज के लिए बीडी पांडे अस्पताल पहुंचे। प्रतिमाह हृदय संबंधी समस्या लेकर 200 से ज्यादा लोग अस्पताल आते हैं। सामान्य मरीजों का इलाज अस्पताल में ही कर दिया जाता है, लेकिन गंभीर मरीजों को हायर सेंटर रेफर करना पड़ता है।
ऐसे करें बचाव
- हृदय रोग से बचने के लिए ज्यादा ठंडे से बचें।
- यदि ठंड में बाहर निकलना पड़े तो गर्म कपड़े पहनकर निकलें।
- सिगरेट, शराब आदि का सेवन बिल्कुल न करें।
- रोजाना व्यायाम करने की आदत बनाएं।
- नमक का सेवन कम करें।
- मक्खन और घी का प्रयोग भी सीमित मात्रा में करें।
- ब्लडप्रेशर और शुगर को नियंत्रित रखें।
नैनीताल में ठंड के चलते रोजाना कई हृदय रोगी इलाज के लिए आ रहे हैं। प्रतिमाह लगभग 200 हृदय रोगी अस्पताल पहुंच रहे हैं। ब्लड प्रेशर और मधुमेह के मरीजों को हार्ट अटैक का अधिक खतरा रहता है।
डॉ. केबी जोशी, हृदय रोग विशेषज्ञ, बीडी पांडे अस्पताल