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सामूहिक दुष्कर्म मामले में तीन युवकों को उम्रकैद

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प्रतीकात्मक।
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हल्द्वानी। द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश नसीम अहमद की अदालत ने सामूहिक दुष्कर्म के मामले में तीन युवकों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। तीनों पर एक-एक लाख अर्थदंड भी लगाया है।
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जिला सहायक शासकीय अधिवक्ता गिरजा शंकर पांडे के अनुसार जज फार्म निवासी अमित रावत ने परिचित युवती को एक अक्तूबर 2018 को अपने घर बुलाया था। उसे झांसा दिया गया कि उसके घर पार्टी है। अन्य लड़कियां आ रही हैं। उनके बीच समूह चर्चा भी की जाएगी। युवती दोपहर दो बजे अमित के घर पहुंची। अमित ने उसकी मुलाकात जेल कैंपस निवासी मंगलम उर्फ मान और रामजी विहार देवलचौड़ निवासी शिवांश चौहान से कराई। अमित के घर अन्य लड़कियां नहीं थीं। बातचीत के दौरान अमित ने युवती को कोल्ड ड्रिंक्स पीने को दी तो वह बेहोश हो गई। इसके बाद तीनों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। इसका वीडियो भी बनाया। विरोध करने पर वीडियो वायरल करने की धमकी दी गई। धमकी के चलते युवती ने अपना मुंह बंद कर लिया। इस बीच युवती मां की हत्या हो गई। इस घटना में वह भी बुरी तरह घायल हो गई थी। स्वस्थ होने के बाद उसने घटना के बारे में पिता को बताया। पिता की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने धारा 328, 376 (घ), 506, 67 आईटी के तहत तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। मुकदमे की विवेचना तत्कालीन थाना प्रभारी विक्रम सिंह राठौर और उपनिरीक्षक प्रीति सिंह ने की। अभियोजन पक्ष ने अदालत के समक्ष सात गवाहों को पेश किया। अदालत ने सुनवाई के बाद अमित रावत, मंगलम और शिवांश को सामूहिक दुष्कर्म का दोषी ठहराया। अदालत ने धारा 376 (घ) 34 एक्ट के तहत तीनों दोषियों को आजीवन कारावास के साथ एक-एक लाख रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड नहीं देेने पर दोषियों को दो वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतना होगी। धारा 506 के तहत दोषियों को दो वर्ष का कारावास और दस हजार रुपये अर्थदंड, धारा 67 आईटी एक्ट के तहत तीन-तीन वर्ष का कारावास और 50 हजार के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड नहीं देने पर दोषियों को दो वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अर्थदंड की राशि पीड़िता को दी जाएगी।
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