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कैबिनेट के फैसले के बाद होगी पंत विवि की जमीन पर एयरपोर्ट बनाने के मामले में सुनवाई

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नैनीताल। पंतनगर विश्वविद्यालय की भूमि पर प्रस्तावित न्यू ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट मामले में दायर जनहित याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। हाईकोर्ट के पूर्व के आदेश के क्रम में नागरिक उड्डयन सचिव राजीव बंसल वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से पेश हुए।
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उन्होंने कोर्ट को बताया कि पंतनगर में नए एयरपोर्ट के विश्वविद्यालय की 1072 एकड़ भूमि का चयन किया गया है। सरकार का पक्ष रखते हुए मुख्य स्थायी अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि यह मामला अभी कैबिनेट में विचाराधीन है। इसके लिए कैबिनेट की संस्तुति नहीं मिली है।
वहीं, विश्वविद्यालय का पक्ष रखते हुए गया कि एयरपोर्ट विश्वविद्यालय की कृषि योग्य भूमि पर बनाया जा रहा है और सरकार विश्वविद्यालय की 1072 एकड़ भूमि अधिकृत कर रही है। इसकी वजह से विश्वविद्यालय का अस्तित्व खतरे में आ रहा है। विश्वविद्यालय द्वारा इस संबंध में सरकार को पत्र भी दिया गया है। इस पर कोर्ट ने कैबिनेट में फैसला आने के बाद इस मामले में सुनवाई की बात कही है।
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मुख्य न्यायाधीश आरएस चौहान एवं न्यायमूर्ति एनएस धानिक की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। पंतनगर निवासी केशव कुमार पासी ने हाईकोर्ट में जनहीत याचिका दायर कर कहा था कि कुमाऊं के लिए प्रस्तावित न्यू ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट को पंतनगर यूनिवर्सिटी के बीच में बनाया जाना प्रस्तावित है। प्रस्तावित एयरपोर्ट को उत्तराखंड के लोगों की सुविधा को ध्यान में रखकर बनाया जाए। न्यू ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट बनने से पंतनगर यूनिवर्सिटी के अस्तित्व को बचाया जाए। उनका कहना है कि यहां एयरपोर्ट बनने से उत्तराखंड के लोगों को एयरपोर्ट पहुंचने के लिए दिक्कतों का भी सामना करना पड़ेगा। प्रस्तावित एयरपोर्ट को यूनिवर्सिटी के बीच में न बनाकर नैनीताल व ऊधमसिंह नगर की तलहटी में सरकार की खाली पड़ी लगभग 76 हजार 800 सौ एकड़ बंजर जमीन में बनाया जाए। विश्वविधालय के आसपास सिडकुल, स्टेट हाईवे 37, पुराना एयरपोर्ट, पांच नदियां और छह नहरें हैं। अगर यहां प्रस्तावित एयरपोर्ट बनता है तो विश्वविद्यालय का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा। पंतनगर एयरपोर्ट अविभाजित उत्तर प्रदेश ने अपनी सुविधाओं को लेकर 1957 में बनाया था। अब उत्तराखंड अलग हो चुका है, इसलिए नए एयरपोर्ट को उत्तराखंड की सुविधाओं के अनुसार बनाया जाए।
सचिव नागरिक उड्डयन मंत्रालय भारत सरकार ने 16 मार्च 2020 को ऊधमसिंह नगर के बरहैनी में एयरपोर्ट के लिए प्रस्ताव मांगा था इसके बाद भी जिला अधिकारी ने गुपचुप तरीके से पंतनगर विश्वविद्यालय का प्रस्ताव भेजा। उन्होंने अपने प्रस्ताव में यह भी कहा कि इस जगह में आबादी नहीं है, जबकि यहां पर नगला, सिडकुल, विश्वविद्यालय, किच्छा और रुद्रपुर आबादी वाले क्षेत्र हैं। अगर एयरपोर्ट प्रस्तावित क्षेत्र में बनाया जाता है तो आम लोगों को पुराने एयरपोर्ट से 14 कि मी और दूर जाना पड़ेगा।
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