नैनीताल। हाईकोर्ट के नवनियुक्त मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति विपिन सांघी ने उत्तराखंड हाईकोर्ट बार एसोसिएशन को बौद्धिक रूप से परिपूर्ण और परिपक्व बताया है। उन्होंने कहा कि इस बार की प्रशंसा उन्होंने दिल्ली में भी सुनी है। जैसा सुना था बार के लोग उससे कहीं अधिक विद्वान हैं। उन्होंने कहा कि बार और बेंच का लक्ष्य जरूररतमंदों को न्याय दिलाना है।
मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सांघी मंगलवार को यहां हाईकोर्ट बार एसोसिएशन सभागार में बार के अधिवक्ताओं को संबोधित कर रहे थे। कार्यभार संभालने के बाद पहली दफा बार सभागार में पहुंचने पर बार पदाधिकारियों ने उनका जोरदार स्वागत किया। न्यायमूर्ति सांघी ने कहा कि दिल्ली और नैनीताल में काम करने के तरीकों में खासा अंतर है। उन्होंने कहा कि जस्टिस डिलीवरी सिस्टम को ठीक कर त्वरित न्याय की धारणा में काम करना होगा जो बार व बेंच का लक्ष्य है।
न्यायमूर्ति सांघी ने कहा कि उनकी हिंदी थोड़ा कमजोर है और शासन की ओर से प्रयोग में लाई जाने वाली हिंदी के शब्द कठिन होते हैं, ऐसे में यदि अधिवक्तागण हिंदी का अंग्रेजी में सही से अनुवाद कर पैरवी में आएंगे तो उन्हें समझने में आसानी होगी।
मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि नैनीताल से उनका पिछले दो दशकों से नाता रहा है। धानाचूली में उनका अपना एक कॉटेज है और वह यहां आते रहे हैं।
इससे पूर्व बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रभाकर जोशी ने मुख्य न्यायाधीश को शॉल ओढ़ाकर उनका स्वागत किया। जोशी ने कहा कि मुख्य न्यायाधीश के नेतृत्व में उत्तराखंड हाईकोर्ट को नई पहचान मिलेगी। कार्यक्रम का संचालन बार के सचिव विकास बहुगुणा ने किया जबकि वरिष्ठ उपाध्यक्ष महेंद बिष्ट ने सभी को धन्यवाद दिया।
इस मौके पर महाधिवक्ता एसएन बाबुलकर, केंद्र सरकार के असिस्टेंट सॉलिसिटर जनरल राकेश थपलियाल, सीएससी चंद्रशेखर रावत, वरिष्ठ अधिवक्ता पुष्पा जोशी, डॉ. महेंद्र पाल, वीबीएस नेगी, डीके शर्मा, बार के पूर्व अध्यक्ष एमसी कांडपाल, सैय्यद नदीम मून, एमसी पंत, एमसी पांडे, आरपी नौटियाल, के जैन, संजय भट्ट, बार एसोशियशन के उपाध्यक्ष प्रशांत जोशी, मुकेश, नवीन बिष्ट, सिद्धार्थ जैन, योगेश शर्मा, भुवनेश जोशी, शिवांगी गंगवार, नीति राणा, प्रेम प्रकाश भट्ट सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद थे