पूर्व केंद्रीय वित्तमंत्री पी. चिदंबरम के नैनीताल आने पर कांग्रेसियों के सामने दुविधा की स्थिति रही। एक ओर वह अपनी ही सरकार में पूर्व केंद्रीय वित्तमंत्री रहे वरिष्ठ कांग्रेसी की अगवानी और स्वागत करने को उत्सुक थे वहीं जब उन्हें पता चला कि वह दिल्ली से अपनी ही सरकार प्रदेश सरकार के खिलाफ हाईकोर्ट में दो निजी कंपनी द्वारा दायर याचिका की पैरवी करने पहुंचे हैं तो वह सभी चिदंबर से मिले बगैर चुपचाप खिसक लिए।
दरअसल चिदंबरम बृहस्पतिवार को राज्य सरकार के खिलाफ निजी कंपनी यूनाईटेड स्प्रीट लिमिटेड व परनोड रिकार्ड इंडिया प्राइवेट लिमिटेड द्वारा दायर याचिका की पैरवी करने दिल्ली से यहां हाईकोर्ट आए थे। पूर्व वित्तमंत्री को इन कंपनियों ने हाईकोर्ट में पैरवी के लिए अपना वकील नियुक्त किया है।
कांग्रेसियों को जानकारी मिली कि चिदंबरम नैनीताल में बार एसोसिएशन के किसी कार्यक्रम में शामिल होने आए हैं तो वह उनसे मुलाकात करने चले गए। लेकिन हाईकोर्ट पहुंचने पर कांग्रेसियों को पता चला कि प्रदेश सरकार के खिलाफ निजी कंपनियों द्वारा दायर याचिका की पैरवी करने पूर्व वित्तमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम नैनीताल आए हैं तो उनके सामने मुंह छिपाने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा।
वह बिना स्वागत किए ही वहां से चुपचाप खिसक लिए। इस संबंध में चिदंबरम से मुलाकात करने आए कांग्रेसियों से संपर्क साधा गया तो किसी ने भी अपना नाम उजागर करने से साफ मना कर दिया। एक कांग्रेसी नेता ने दबी जुबान से यहां तक कहा कि निजी कंपनियों ने अपनी ही सरकार के खिलाफ याचिका दायर की है और उन कंपनियों की पैरवी भी कांग्रेस के ही वरिष्ठ नेता और सुप्रीमकोर्ट के अधिवक्ता पी चिदंबरम यहां आए हैं तो उनका अपनी ही सरकार से लड़ना ठीक नहीं है।
इससे आने वाले चुनावों में अपनी ही सरकार को नुकसान हो सकता है। शायद यही वजह रही कि वरिष्ठ कांग्रेसी और पूर्व वित्तमंत्री चिदंबरम हल्द्वानी से लेकर नैनीताल तक मीडिया से दूरी बनाए रहे और यहां तक कि उन्होंने सुरक्षा कर्मियों को हूटर बजाने से भी मना कर दिया। एक होटल में टिके तो वहां भी किसी से मुलाकात नहीं कराने के निर्देश दिए थे।
पूर्व वित्तमंत्री पी. चिदंबरम नैनीताल हाईकोर्ट के ऐतिहासिक भवन को काफी देर तक निहारते रह गए। उन्होंने कहा कि यह आलीशान भवन है। स्थानीय लोगों ने उन्हें बताया कि यह एतिहासिक हेरिटेज इमारत है।
चिदंबरम हाईकोर्ट में प्रदेश सरकार के खिलाफ यूनाईटेड स्प्रीट लिमिटेड व परनोड रिकार्ड इंडिया प्रा.लि. कंपनी की पैरवी के लिए पहुंचे थे। मामले में मीडिया कर्मियों ने उनसे कई बार बात करने का प्रयास किया। लेकिन वह बार-बार मीडिया कर्मियों से दूरी बनाते रहे और ना ही कुछ इस मामले में बोले। सूत्र बताते हैं कि काठगोदाम से नैनीताल को चलते ही वित्तमंत्री चिदंबरम ने वीआईपी सुविधा तो ली लेकिन किसी को पता नहीं चले, इसलिए एस्कार्ट को हूटर बजाने से मना कर दिया।
पी. चिदंबरम सुबह पांच बजे काठगोदाम से कार द्वारा नैनीताल के होटल शेरवानी में सुबह 6.30 बजे पहुंचे। सूत्रों के मुताबिक पुलिस को उन्होंने मना कर रखा था कि वह किसी को मिलने के लिए अंदर न भेजें। होटल परिसर में पुलिस सुरक्षा में रहे और सुबह 10 बजे हाईकोर्ट में पैरवी करने के लिए पहुंचे। वह शाम 6 बजे काठगोदाम के लिए रवाना हो गए।