हल्द्वानी में प्रेसवार्ता करते उपनल कर्मी। अमर उजाला
हल्द्वानी। डॉ. सुशीला तिवारी अस्पताल के उपनल कर्मचारी समिति ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धनसिंह रावत पर वादाखिलाफी का लगाया है। कहा कि वार्ता के दौरान जिन मांगों पर सहमति बनी थी, यदि उसके संबंध में शुक्रवार रात तक कोई शासनादेश जारी नहीं हुआ तो वे चार दिसंबर से दोबारा हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगे। इसकी रणनीति चार दिसंबर को तय की जाएगी।
रामपुर रोड स्थित एक बैंक्वेट हाल में हुई प्रेसवार्ता में समिति के अध्यक्ष प्रकाश सिंह बोरा ने कहा कि एसटीएच के कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। हर बार उन्हें झूठे आश्वासन देकर उनका आंदोलन समाप्त करा दिया जाता है। कहा कि उपनल कर्मचारी अपनी मांगों को 78 दिनों से हड़ताल कर रहे थे और 17 नवंबर को मुख्यमंत्री धामी और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रावत ने देहरादून में बुलाकर दो सूत्री मांगों पर तुरंत कार्यवाही का आश्वासन देकर हड़ताल को समाप्त करा दिया था, 18 नवंबर से सभी कर्मचारी ड्यूटी पर आ गए। उन्होंने आरोप लगाया कि 15 दिन बाद भी अब तक मांग के संबंध में कोई आदेश नहीं आया है। इससे कर्मचारियों में आक्रोश है।
समिति के संरक्षक संजय पांडे, सचिव मनीष तिवारी ने कहा कि उनकी मांगों के संबंध में कैबिनेट में प्रस्ताव रखने का वादा किया गया था मगर कैबिनेट बैठक में उनकी मांगों पर कोई विचार नहीं हुआ। समिति ने फैसला किया कि तीन नवंबर को रात 12 बजे तक मांगों के मामले में आदेश जारी नहीं हुए तो वे फिर से आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। इस दौरान सोनू टम्टा, उर्मिला डांगी, राजेंद्र सिंह राणा, राकेश कुमार मौजूद रहे।