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हमले के मामले में पांच को सात-सात वर्ष की सजा

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प्रतीकात्मक।
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हल्द्वानी। एमबीपीजी कॉलेज के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष पर हमले के मामले में द्वितीय अपर जिला जज की अदालत ने सुनवाई के बाद पांच आरोपियों को घटना का दोषी पाया। अदालत ने पांचों दोषियों को सात सात के कारावास और 70 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।
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एडीजीसी गिरजा शंकर पांडे के अनुसार दमुवाढूंगा निवासी पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष जगदीश सिंह बिष्ट, राहुल धामी और मनिंदर सिंह एक मार्च 2018 की रात दस बजे एमबीपीजी कॉलेेज के पास नैनीताल रोड स्थित पंजाबी रसोई में खाना खा रहे थे। आरोप है कि इसी समय मनीष तिवारी उर्फ मोनू पंडित, सुमित बिष्ट, अरुण सागर, प्रदीप सागर, त्रिलोक सिंह नेगी ने बोतल फेंकने के विवाद पर छात्रनेताओं पर हमला किया था। साथ ही चाकू और बोतल के हमले से पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष सहित तीनों लोग घायल हो गए थे।
इस मामले में कोतवाली पुलिस ने तहरीर के आधार पर दो मार्च को पांचों आरोपियों के खिलाफ धारा 308, 504, 147, 148, 323, 325 के तहत मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दायर किया। अदालत में मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने पांच गवाह पेश किए। अदालत ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने और साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद पांचों आरोपियों को दोषी करार दिया। अदालत ने धारा 308 के तहत आरोपियों को सात-सात वर्ष का कारावास और पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड, धारा 504 के तहत दो वर्ष का कारावास और एक-एक हजार रुपये का अर्थदंड, धारा 147 के तहत दो वर्ष का कारावास और एक-एक हजार रुपये का अर्थदंड, धारा 148 के तहत तीन वर्ष का कारावास और एक-एक हजार रुपये का अर्थदंड, धारा 323 के तहत एक-एक वर्ष का कारावास और एक-एक हजार रुपये का अर्थदंड, धारा 325 के तहत सात वर्ष की सजा और पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया।
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