नैनीताल। शनिवार शाम छह बजते ही ध्वनि प्रसारक यंत्रों के माध्यम से किया जा रहा चुनाव प्रचार थम गया। पिछले कई दिनों के चुनाव प्रचार के शोर शराबे से लोगों ने राहत की सांस ली। वहीं दूसरी ओर प्रत्याशी और उनके समर्थकों ने अब डोर टू डोर प्रचार शुरू कर दिया है। अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित नैनीताल विधानसभा सीट पर इस बार पांच प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। इस बार मतदान प्रतिशत कितना रहेगा इसे लेकर आंकलन शुरू हो गया है। माना जा रहा है कि इस बार पिछले चुनावों की तुलना में मतदान का प्रतिशत अधिक रहेगा।
नैनीताल विधानसभा क्षेत्र में कुल 1 लाख 10 हजार 559 मतदाता हैं। जिनमें 58 हजार 829 पुरुष और 51 हजार 730 महिलाएं शामिल हैं। कुल मतदाताओं में लगभग साठ फीसदी युवा हैं। इस बार नैनीताल से कांग्रेस के संजीव आर्य, भाजपा से सरिता आर्या, आप से हेम आर्या, उक्रांद से ओम प्रकाश और बसपा से राजकमल सोनकर चुनाव मैदान में हैं। मुख्य मुकाबला यहां कांग्रेस और भाजपा के बीच ही माना जा रहा है।
निर्वाचन आयोग के आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2002 में नैनीताल विधानसभा सीट पर 40 हजार 623, वर्ष 2007 में 50 हजार 492, वर्ष 2012 में 51 हजार 442 और वर्ष 2017 में 61 हजार 261 मतदाताओं ने वोट डाले थे। वर्ष 2017 में भी संजीव आर्य और सरिता आर्या आमने सामने थे। तब संजीव भाजपा से और सरिता कांग्रेस से उम्मीदवार थीं। इस बार दोनों ने दल बदल किया। संजीव कांग्रेस से और सरिता भाजपा से उम्मीदवार हैं।
विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों का मानना है कि इस बार मतदान का प्रतिशत बढ़ेगा। ऐसा इसलिए क्योंकि निर्वाचन आयोग की ओर से पिछले काफी समय से गांव-गांव में स्वीप टीमों के माध्यम से मतदाता जागरूकता अभियान चलाया। लोगों को अधिक से अधिक मतदान के लिए प्रेरित किया। वहीं आयोग ने इस बार बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं के लिए पोस्टल बैलेट की भी व्यवस्था की। ऐसे में प्रशासनिक अधिकारियों का भी मानना है कि इस बार मतदान का प्रतिशत पिछले चुनावों की तुलना में अधिक रहेगा।