हल्द्वानी। कालाढूंगी सीट पर बंशीधर भगत ने शानदार जीत हासिल की है। उन्होंने 23 हजार से अधिक वोट से जीत हासिल की है। उनका वोट ब्लॉक कार्यालय में मतदान केंद्र में था।
भाजपा पश्चिमी मंडल अध्यक्ष नवीन भट्ट कहते हैं कि जनता ने खूब आशीर्वाद दिया है। प्रत्याशी बंशीधर भगत ने जिस मतदेय स्थल पर वोट डाला था, वहां पर कुल 387 वोट पड़े थे, इसमें भगत को 286 वोट मिले थे, जबकि प्रतिद्वंद्वी महेश शर्मा को 89 वोट मिले। उनके मतदेय स्थल पर भी कमोबेश यही स्थिति थी। हर जगह से शानदार वोट मिले हैं, जबकि प्रतिद्वंद्वी को अपने बूथ तक पर जीत दर्ज नहीं कर सके।
भाजपा प्रत्याशी ने अपने बूथ के साथ बिंदुखत्ता में भी हराया
हल्द्वानी। लालकुआं विधानसभा सीट पर भाजपा प्रत्याशी डॉ. मोहन सिंह बिष्ट अपने घरेलू बूथ डूंगरपुर मेें 181 मत पाए। इस बूथ पर पूर्व सीएम और कांग्रेस प्रत्याशी हरीश रावत को 177 मत मिले।
चुनाव कार्यालय के रिकार्ड के अनुसार कांग्रेस के गढ़ समझे जाने वाले बिंदुखत्ता में भाजपा ने सेंध लगाई और कांग्रेस को पटकनी दी। इंदिरानगर बूथ संख्या 54 बिंदुखत्ता में भाजपा को 258 और कांग्रेस को 253 मत मिले। बूथ नंबर 55 में भाजपा को 364 और कांग्रेस को 308 मत मिले। बिंदुखत्ता के बूथ संख्या 57 में भाजपा को 411 और कांग्रेस को 390 मत मिले। बूथ संख्या 58 में भाजपा को 346 और कांग्रेस को 353 मत मिले। बूथ संख्या 59 में भाजपा को 293 और कांग्रेस को 453 मत हासिल हुए। बूथ संख्या 60 में भाजपा को 379 और कांग्रेस 364 मत मिले थे। इस प्रकार कांग्रेस प्रत्याशी को भाजपा ने हर क्षेत्र में हराया है।
संघ ने हरदा के लिए की थी मजबूत किलेबंदी
हल्द्वानी। राष्ट्रीय स्वयं संघ ने पूर्व सीएम हरीश रावत को हराने के लिए मजबूत किलेबंदी की थी। कांग्रेस के गढ़ समझे जाने वाले क्षेत्रों में सेंधमारी की लेकिन किसी को भनक तक नहीं लगने दी।
कांग्रेस ने अपने प्रचार को राष्ट्रीय स्तर का बनाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। इसे लेकर भाजपा के प्रदेश स्तर के नेता सकते में आ गए थे। हरदा को हराने के लिए भाजपा नेताओं के साथ राष्ट्रीय स्वयं संघ ने चुपके से काम करना शुरू किया। गांव गांव में भीतरी बाहरी प्रत्याशी का नारा दिया। हर घर तक पक़ड़ होने के कारण भाजपा प्रत्याशी से कोई अनजान नहीं था। भाजपा की बूथ लेबल की रणनीति काम आई। विवादाें से दूर रहने वाले डॉ. मोहन सिंह बिष्ट को जनता ने भरपूर प्यार दिया। भाजपा को सबसे अधिक मत महिला मतदाताओं से मिला। कुछ लोगों का कहना था कि पुरुष भले ही दूसरी तरफ चले गए लेकिन महिलाओं ने भाजपा को जमकर वोट किया। यही कारण है कि कांग्रेस के कद्दावर नेता को मुंह की खानी पड़ी।
हल्द्वानी सीट: अपने ही मतदान केंद्र पर हारे सुमित
हल्द्वानी। विधानसभा चुनाव की मतगणना के बाद प्रत्याशियों ने किस मतदान केंद्र पर कितने वोट मिले, इसकी समीक्षा शुरू कर दी है। निर्वाचन कार्यालय के आंकड़ों के मुताबिक हल्द्वानी सीट पर विजयी हुए कांग्रेस के सुमित हृदयेश अपने ही मतदान केंद्र पर हार गए।
उन्होंने अपने परिजनों के साथ खालसा नेशनल बालिका इंटर कॉलेज में बने मतदान केंद्र पर वोट डाला था। इस मतदान केंद्र पर तीन बूथ थे। तीनों बूथों पर भाजपा प्रत्याशी डॉ. जोगेंद्र पाल सिंह रौतेला को 893 वोट मिले, जबकि कांग्रेस से विधायक बने सुमित हृदयेश को सिर्फ 674 वोट ही मिले। इस तरह सुमित को जोगेंद्र पाल रौतेला से 219 वोट कम मिले। इस कमी की भरपाई कांग्रेस के गढ़ के अलावा बनभूलपुरा क्षेत्र से हुई।
मतगणना के दौरान सातवें राउंड तक कांग्रेस के सुमित हृदयेश भाजपा के जोगेंद्र पाल सिंह रौतेला से पीछे रहे लेकिन आठवें राउंड से भाजपा प्रत्याशी को पछाड़ते हुए कांग्रेस प्रत्याशी सुमित आगे निकलते चले गए, यह क्रम फिर रुका नहीं और अंतिम चरण की गणना में सुमित विजयी रहे।