हल्द्वानी। दो गांव के पास सड़क टूटने के कारण शनिवार को यात्रियों की परेशानी बढ़ गई। ज्योलीकोट से काठगोदाम तक जगह-जगह जाम लग गया। रोडवेज-केमू की बसों के अलावा करीब 900 से अधिक छोटे-बड़े वाहन जाम में फंसे रहे। शाम को एचएमटी फैक्ट्री के पास से काठगोदाम तक महज दो किमी की दूरी तय करने में साढ़े चार घंटे लग गए।
नैनीताल-ज्योलीकोट हाईवे शनिवार सुबह बंद होने से काठगोदाम से लेकर दोगांव तक करीब पांच किलोमीटर जाम लग गया। सड़क सामान्य होने में ही चार घंटे लग गए। जाम लगने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। एक एंबुलेंस भी जाम में फंस गई। जिसे पुलिस ने किसी तरह निकाला। उधर, रानीबाग-भीमताल पुल पर रास्ता संकरा होने के कारण कुमाऊं की ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। दोनों सड़कों पर जाम लग गया। रानीबाग पुल से काठगोदाम और दो गांव तक जाम लगता रहा। दिन में करीब एक बजे स्थिति थोड़ी सुधरी। एनएच के अधिशासी अभियंता सुनील कुमार ने बताया कि एक बजे भारी, हल्के वाहनों के लिए सड़क को खोल दिया गया है।
फेरे बढ़ने से बसों में चुकाना पड़ा अतिरिक्त किराया
हल्द्वानी। मार्ग बाधित होने से सबसे अधिक नुकसान बसों से जा रहे यात्रियों का हुआ। रोडवेज ने अपनी बसों का संचालन कालाढूंगी होते हुए किया तो यात्रियों को 35 रुपये अतिरिक्त चुकाने पड़े। रोडवेज और केमू की करीब 18 बसें दो घंटे रास्ते में फंसी रही। काठगोदाम के थाना इंचार्ज विमल मिश्रा ने बताया कि दिन में भारी वाहनों का संचालन बंद कर दिया गया था। भारी वाहनों को गौला बाईपास रोड पर खड़ा कर दिया। हालांकि शाम को सभी वाहनों का संचालन शुरू कर दिया गया।