कांग्रेस नेता और पूर्व सीएम हरीश रावत के उत्तराखंडियत अभियान को सीएम और पीएम ने निशाने पर लिया। प्रधानमंत्री ने साबित करने का प्रयास किया कि राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस के जमाने में विकास परियोजनाएं लटकाई जाती थीं लेकिन अब कोई विकास योजना लटकाई नहीं जाती है। कुमाऊं की कई योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास कर उन्होंने जताने का प्रयास किया कि उनका उत्तराखंड से काफी लगाव है।
धार्मिक प्रवृत्ति से जुड़े लोगों से जुड़ने की कोशिश
प्रधानमंत्री ने साढ़े 17 हजार करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करने के बाद कहा कि यह शिलापट्ट नहीं मेरा संकल्प पट्ट है। वन रैंक वन पेंशन, आल वेदर रोड, रेल परियोजनाएं और सड़क मार्ग का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि वह जो कहते हैं उसे करते भी हैं। हल्द्वानी के लिए दो हजार करोड़ की सौगात (हालांकि वे क्या योजनाएं होंगी इसका उल्लेख नहीं हुआ) देकर प्रधानमंत्री ने यह जताने की कोशिश की कि वह उत्तराखंड से काफी लगाव रखते हैं। उन्होंने हल्द्वानी के अलावा नैनीताल झील का नाम भी लिया। केदारनाथ मंदिर के साथ अन्य शिवालयों का नाम लेकर प्रधानमंत्री ने धार्मिक प्रवृत्ति से जुड़े लोगों से जुड़ने की कोशिश की।
ऊधमसिंह नगर को एम्स सेटेलाइट सेंटर के अलावा पिथौरागढ़ और अल्मोड़ा को मेडिकल कालेज की सौगात देकर प्रधानमंत्री ने विकास के सहारे उत्तराखंडियत का कार्ड खेला है। उन्होंने कांग्रेस को अफवाह की दुकान चलाने वाला करार दिया। बताया कि कांग्रेस अफवाह की दुकान चलाती है। इधर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत का नाम लिए बगैर कांग्रेस को भ्रष्टाचार के मुद्दे पर घेरने का प्रयास किया।
बताया कि शराब माफिया, खनन माफिया से लेकर अन्य माफिया पिछली सरकार में सक्रिय हो गए थे। पुष्कर सिंह धामी का साथ पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी दिया। दोनों ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर हरीश रावत की सरकार पर जमकर निशाना साधा। भाजपा के दोनों नेताओं ने आरोप लगाया कि विरोधी दल के एक नेता कुर्सी के लिए लड़ रहे हैं। उनको प्रदेश के विकास की चिंता नही है।
दोनों नेताओं ने स्पष्ट कहा कि कांग्रेस का उत्तराखंडियत से कोई लेना देना नहीं है। उन्हीं के कार्यकाल में पलायन तेजी के साथ हुआ है। वर्तमान सरकार टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए कनेक्टविटी पर जोर दे रही है। इसी कारण रेल और सड़कों का बड़ा ढांचा प्रदेशवासियों के लिए खड़ा किया जा रहा है। इसी से पलायन रुकेगा और लोगों को रोजगार मिलेगा।
कोरोना और सामाजिक दूरी के बारे में नहीं बोले पीएम
। देश कोराना के संकट से जूझ रहाी है। कोरोना के नए मामले लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में पीएम ने कोविड को लेकर कोई ताकीद नहीं की।