फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

काठमांडू से आई जांच टीम ने गस्कू पहुंचकर घटनास्थल से जुटाए साक्ष

विज्ञापन
धारचूला के गस्कू में घटनास्थ्ला पर मौजूद काठमांडू नेपाल से आए जांच अधिकारी। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : PITHORAGARH
विज्ञापन
धारचूला (पिथौरागढ़)। 30 जुलाई की सुबह तार के सहारे अवैध रूप से भारत आ रहे नेपाली युवक के काली नदी में बहने के मामले में काठमांडो से आई टीम बृहस्पतिवार को धारचूला के गस्कू पहुंची। टीम के सदस्यों ने करीब आधे घंटे तक मौके पर वीडियोग्राफी की और फोटो लिए। इस दौरान एसएसबी के सेनानी भी मौजूद रहे।
विज्ञापन

हादसे का शिकार हुए नेपाल युवक जय सिंह धामी के नदी में बहने के मामले में नेपाल में हो रहे धरना-प्रदर्शन को देखते हुए नेपाल सरकार ने एक जांच टीम गठित की थी। यह टीम मंगलवार की शाम को दार्चुला नेपाल पहुंची थी। टीम के सदस्यों ने बुधवार को दार्चुला में प्रशासन और मीडिया कर्मियों से मामले की जानकारी जुटाई।
इसके बाद टीम अनुमति मिलने के बाद बृहस्पतिवार की सुबह भारत के गस्कू पहुंची। जांच टीम में नेपाल गृह मंत्रालय के सहायक सचिव जनार्दन गौतम, डीआईजी पुरुषोत्तम कंडेल, हुत सिंह थापा एनआईडी अनुसंधान, एसएसपी एपीएफ सुरेश कुमार श्रेष्ठ, डिप्टी सीडीओ दार्चुला ज्योत्सना भट्ट, एसपी एपीएफ नरेंद्र बहादुर बम, डीवाईएसपी मनोहर प्रसाद भट्ट, महेश अवस्थी, दीपक पतली, राजेंद्र सिंह, विरख सायर शामिल थे।
विज्ञापन

धारचूला झूलापुल में पहुंचने पर एसएसबी के कमांडर महेंद्र प्रताप ने टीम के सदस्यों का स्वागत किया। इसके बाद गस्कू पहुंची नेपाल से आई टीम ने मौके पर पहुंचकर वीडियोग्राफी, फोटोग्राफी की। घटना स्थल पर करीब आधा घंटा रुकने के बाद पूरी टीम लौटकर धारचूला होते हुए नेपाल गई।
नेपाली जांच दल की घटना स्थल और वापसी तक एसएसबी के सेनानी उनके साथ मौजूद रहे और जांच टीम को पूरी मदद की। इसके लिए नेपाल जांच दल के प्रमुख जनार्दन गौतम सहायक सचिव गृह मंत्रालय नेपाल ने सहयोग के लिए आभार जताया।
नेपाल की ओर से युवकों ने फिर लगाए कालापानी हम्रो हो के नारे
धारचूला। अवैध तार के साथ काली नदी पार करने के दौरान नदी में बहे युवक के मामले में एसएसबी को जिम्मेदार ठहराकर नेपाल के कुछ राजनीतिक दल कालापानी विवाद को हवा देने का प्रयास कर रहे हैं। एमाले नेपाल में लगातार धरना- प्रदर्शन कर रहा है।
बृहस्पतिवार को भी जब नेपाल गृहमंत्रालय के निर्देश पर गठित टीम धारचूला के गस्कू पहुंची तो ठीक सामने नेपाल में कुछ युवा हाथों में लाल झंडे लेकर लिपुलेख कालापानी हम्रो हो के नारे लगा रहे थे।
इससे साफ हो गया है कि जय सिंह धामी के नदी में बहने की आड़ में राजनीतिक दल अपने हित साधने के लिए संबंध बिगाड़ने की कोशिशों में लगे हैं। इस तरह के प्रयासों की दोनों देशों के नागरिकों की ओर से निंदा की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें