नैनीताल। शहर के नालों की सफाई व्यवस्था एक बड़ी चुनौती बन गई है जिस कारण प्री-मानसून की बारिश में गंदगी और मलबा नैनीझील में पहुंच गया है। नैनीताल में कुल 59 नाले हैं जिनमें 44 सीधे नैनीझील में गिरते हैं।
ब्रिटिश शासनकाल में 1880 के भूस्खलन को रोकने के लिए नाले बनाए थे। आवासीय क्षेत्रों और जनसंख्या बढ़ने से इनकी नियमित सफाई मुश्किल हो गई है। हर साल बरसात से पहले इनकी सफाई होती है। हाल की बरसात में नालों से कूड़ा और मलबा नैनीझील में फैल गया। सिंचाई विभाग और पालिका के दावों के बावजूद यह स्थिति बनी है। अजय रावत, राजा साह, यशपाल रावत और पुनीत टंडन आदि स्थानीय लोगों ने मामले के स्थायी समाधान की मांग उठाई है। उन्होंने नियोजित और नियमित सफाई व्यवस्था पर जोर दिया है।
नालों की सफाई के लिए 16 कार्मिकों की जिम्मेदारी तय की गई है। बरसात के सीजन से पूर्व नालों से 200 घनमीटर मलबा निकाला गया। जुलाई से श्रमिकों की संख्या 35 कर दी जाएगी।
-नीरज तिवारी, अवर अभियंता, सिंचाई विभाग