रामनगर (नैनीताल)। जन्माष्टमी की पूर्व संध्या पर रामनगर में पहाड़ी गाय का दूध कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने लांच किया। नैनीताल दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लालकुआं में निर्मित दूध को बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभदायक और सर्वोत्तम बताया। आर्य ने लोगों से उपहार में घी देने का प्रचलन शुरू करने की अपील की है।
रविवार को आंचल पहाड़ी गाय दूध का शुभारंभ करते हुए कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि आंचल का पहाड़ी गाय का दूध पूरी तरह से आर्गेनिक और केमिकल रहित होगा। हमको अमीर वर्ग की परिभाषा पूर्व की भांति करनी होगी, जिसके घर में गाय होगी। जहां मेहमान नवाजी दूध, घी, पनीर और मक्खन से की जाएगी, वही अमीर वर्ग होगा। हमें उपहार में घी, दूध, पनीर आदि देना प्रचलन में लाना होगा। सरकार दुग्ध सहकारी समितियों को मजबूत करने के लिए प्रयासरत है। इस क्रम में प्रोत्साहन राशि बढ़ाने की दिशा में भी कार्य हो रहा है।
वहीं दैनिक श्रमिकों के जीएसटी, ईपीएफ और ईएसआई में हुए घोटाले के आरोप पर उन्होंने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी, जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
वहीं विधायक दीवान सिंह बिष्ट ने कैबिनेट मंत्री को आंचल दूध की प्रगति को लेकर बधाई दी। कहा कि राज्य सरकार हर क्षेत्र में बेहतर कार्य कर रही है। आंचल दूध लोगों को आत्मनिर्भर बना रहा है, नौजवानों को भी अपना व्यवसाय शुरू करना चाहिए। इसके लिए सरकार भी ऋण उपलब्ध करवा रही है, इसका लाभ हमें लेना चाहिए।
इस मौके पर पालिकाध्यक्ष मो. अकरम, तहसीलदार पूनम पंत, भावना भट्ट, वीरेंद्र सिंह रावत, नैनीताल दुग्ध संघ के अध्यक्ष मुकेश बोरा, उपाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह मेहरा, यूसीडीएफ सदस्य अमिता रावत, जीएम लालकुआं राजेंद्र चौहान, पूर्व अध्यक्ष मंडी समिति गजराज बिष्ट, ब्लॉक प्रमुख रेखा रावत, ब्लॉक प्रमुख हल्द्वानी रूपा देवी, नैनीताल दुग्ध संघ संचालक राजेंद्र प्रसाद, शेखर जोशी, भगत सिंह कुमेठिया, गीता दुमका, दीपा आर्य, संजय भाकुनी आदि मौजूद रहे।
दूसरी ओर नई बस्ती पूछड़ी के ग्रामीणों ने कैबिनेट मंत्री से मिलकर नई डेयरी खोलने की मांग की। कैबिनेट मंत्री ने जल्द डेयरी खोलने का आश्वासन दिया। इस मौके पर नंदी फर्त्याल, सुमन देवी, विनीता देवी, मनीषा, रेनू रौतेला आदि रहीं।
पहाड़ों से दूध एकत्र किया जा रहा
आंचल के पहाड़ी गाय दूध के लांच पर कैबिनेट मंत्री ने बताया कि दुग्ध संघ पहाड़ से गायों का दूध एकत्र कर रहा है। यह उन पहाड़ी गाय का दूध होगा जो जंगलों से चारा चर कर आती है। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की सेहत को ध्यान में रखते हुए इसे बनाया गया है। यह आधा लीटर के पैकेट में बाजार में उपलब्ध कराया जाएगा। कृत्रिम गर्भाधान के जरिए आज हमारे प्रदेश के 90 प्रतिशत बछिया पैदा की जा रही है और इस उपलब्धि में प्रदेश देश में पहले स्थान पर है। कैबिनेट मंत्री ने गौपालकों से नस्ल सुधार की दिशा में भी कार्य करने का अनुरोध किया। कहा कि मत्स्य, कृषि, दुग्ध, पशु पालन कीजिए, इससे आर्थिकी को मजबूती मिलेगी।