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‘दशरथ’ के अंगद जैसे पैर पर भाजपा का भरोसा

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हल्द्वानी। भाजपा ने नैनीताल जिले में चार विधानसभा सीटों नैनीताल, भीमताल, रामनगर और कालाढूंगी के लिए प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। इसमें कालाढूंगी सीट पर पार्टी ने एक बार फिर बंशीधर भगत पर ही भरोसा जताया है। कैबिनेट मंत्री बंशीधर भगत सालों से इस सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
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भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में शुमार और कैबिनेट मंत्री बंशीधर भगत 1991 में पहली नैनीताल विधानसभा सीट से बार विधायक बने थे। इसके बाद उन्होंने मुड़कर नहीं देखा और नैनीताल, हल्द्वानी और कालाढूंगी सीटों से जीत हासिल कर छह बार विधानसभा पहुंचे। हल्द्वानी के ऊंचापुल की रामलीला में सालों से दशरथ का मंचन कर रहे भगत यूपी के समय से ही मंत्री रहे हैं। वह पहली बार में 1996 यूपी में खाद्य रसद राज्यमंत्री बने। राज्य बनने के बाद बीसी खंडूरी, तीरथ सिंह रावत, पुष्कर सिंह धामी की सरकार में भी मंत्री रहे।
इंदिरा हृदयेश से हार गए थे चुनाव
हल्द्वानी। बंशीधर भगत वर्ष-2002 में हल्द्वानी विधानसभा सीट पर हुए चुनाव में कांग्रेस नेता डॉ. इंदिरा हृदयेश से हार गए थे।
नाम: बंशीधर भगत
जन्म तिथि: 1-1-1951
पिता: स्व. टीकाराम भगत
माता : स्व. तारा देवी भगत
जन्म स्थान: ग्राम भगत्यूड़ा, भीमताल
स्थायी निवास: लोहरियासाल मल्ला, हल्द्वानी
शिक्षा: हाईस्कूल
भगत का प्रधान से मंत्री तक सफर
संवाद न्यूज एजेंसी
कालाढूंगी। ग्राम प्रधान से चुनाव जीत कर राजनीतिक शुरुआत करने वाले भगत सरल व्यवहार के लिए जाने जाते हैं। भाजपा में जिला अध्यक्ष से लेकर प्रदेश अध्यक्ष तक का सफर तय किया है। 1989 में वह नैनीताल जिले के जिला अध्यक्ष बने। वर्ष-2020 में वह प्रदेश अध्यक्ष बने थे।
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पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी से प्रेरित होकर वह 1975 से जनसंघ से जुड़े। 1982 में ब्लॉक हल्द्वानी में किसानों की समस्या को लेकर किसान संघर्ष समिति बनाई। 1983 में जमरानी बांध के लिए संघर्ष किया। वह राम जन्म भूमि आंदोलन में 23 दिन अल्मोड़ा जेल में रहे। हल्द्वानी में 1988 से 1991 तक क्रय-विक्रय सहकारी समिति के अध्यक्ष पद पर रहे। 1989 में भाजपा जनपद नैनीताल व नैनीताल-उधमसिंह नगर जिला अध्यक्ष का कार्यभार सम्भाला।1991 में उत्तर प्रदेश विधानसभा में नैनीताल से प्रथम बार विधायक चुने गये।
1993 में दूसरी और 1996 में तीसरी बार नैनीताल विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए। 1996 में उत्तर प्रदेश सरकार में खाद्य एवं रसद राज्यमंत्री, पर्वतीय विकास मंत्री, वन राज्यमंत्री का कार्यभार संभाला। नवंबर 2000 में नव सर्जित उत्तरांचल राज्य में कृषि, सहकारिता, दुग्ध, पशुपालन, गन्ना कैबिनेट मंत्री का दायित्व संभाला। 2007 में हल्द्वानी विधान सभा क्षेत्र से चौथी बार जीत अर्जित कर वन एवं वन्य जंतु, पर्यावरण, जलागम प्रबंधन सहकारिता, स्वास्थ्य, औद्योगिक विकास एवं परिवहन कैबिनेट मंत्री बने। 2012 में नवसृजित कालाढूंगी विधान सभा में चुनाव लड़कर विजयी हुए। 2013, 2014, 2014, 15 में विधानसभा की लोक लेखा समिति के अध्यक्ष चुने गए। 2017 मे कालाढूंगी विधानसभा से छठवी बार विजयी हुए।
क्या बोले भगत
पार्टी ने टिकट दिया है। इसके लिए प्रांतीय नेतृत्व और राष्ट्रीय नेतृत्व का आभार जताता हूं। हमारे कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह है उनके सहयोग से मैं जनता का आशीर्वाद फिर प्राप्त करूंगा। - बंशीधर भगत
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