नैनीताल। हाईकोर्ट ने हल्द्वानी के दमुआढुंगा में निर्माणाधीन पिछोड़ा डेपलपर के निर्माण कार्य पर रोक के आदेश को 17 दिसंबर तक आगे बढ़ाते हुए याचिकाकर्ता को प्रतिशपथ पत्र दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। विपक्षी की ओर से कोर्ट में जवाब दाखिल कर कहा गया था कि उन्होंने सात मंजिल तक निर्माण कार्य कर लिया है, इसलिए निर्माण पर लगी रोक हटाई जाए। कोर्ट ने कहा कि यह निर्माण केंद्रीय नियमावली के विरुद्ध है जबकि इसमें याचिकाकर्ता का 33 प्रतिशत हिस्सा भी है।
वरिष्ठ न्यायमूर्ति संजय कुमार मिश्रा की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। दमुआढुंगा हल्द्वानी निवासी मेजर निधि सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि उनके पिता कर्नल हुकम सिंह ने दमुआढुंगा में जमीन खरीदी थी। 2017 में उनके पिता की मृत्यु हो गई। उनके पिता की तीन संतानें मेजर निधि सिंह, कर्नल अनिमेष सिंह और प्रीति सिंह हैं। पिता की मृत्यु के बाद निधि सिंह ने म्यूटेशन के लिए तहसील में प्रार्थना पत्र दिया जिस पर कोई कार्यवाही नही हुई। उनके भाई अनिमेष सिंह ने झूठे अनापत्ति प्रमाण पत्र बनाकर यह संपत्ति अपने नाम करा ली।
इस संबंध में निधि सिंह ने एक वाद सिविल जज सीनियर डिवीजन हल्द्वानी के वहां दायर किया। सिविल जज सीनियर डिवीजन ने अपने आदेश में कहा कि अनिमेष सिंह ने सभी जगह से अनापत्ति प्रमाण पत्र लिए हैं इसलिए वे इस भूमि पर निर्माण कर सकते हैं और यह भूमि उनकी ही है। सिविल जज के आदेश को निधि सिंह ने चुनौती दी थी। उन्होंने अपनी याचिका में कहा कि इस भूमि से कई पेड़ काटे गए हैं और अनिमेष सिंह ने यह भूमि अपनी पत्नी को गिफ्ट भी कर दी है। जिस पर वह पिछोड़ा डेपलप्पर के नाम से दो सौ के करीब फ्लैट्स बना रही है।