नैनीताल। केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट को बेतालघाट के बाद सोमवार को नैनीताल में भी आपदा प्रभावितों के विरोध का सामना करना पड़ा।
सोमवार को केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट बलियानाला में हो रहे भूस्खलन से प्रभावित लोगों का हाल जानने के लिए रईस होटल से लगे हरिनगर क्षेत्र में पहुंचे। जैसे ही लोगों को केंद्रीय राज्य मंत्री भट्ट के पहुंचने की जानकारी हुई तो उन्होंने एकत्र होकर उनका विरोध करना शुरू कर दिया। भूस्खलन प्रभावितों का कहना था कि बलियानाला क्षेत्र में पिछले कई दशकों से भूस्खलन हो रहा है। प्रशासन की ओर से बरसात में ही यहां रह रहे लोगों की याद आती है और उन्हें जबरन शिफ्ट किया जाता है, लेकिन भूस्खलन पर रोक लगाने का कोई स्थायी हल आज तक नहीं निकाला जा सका है।
विरोध कर रहे लोगों ने ठोस कारवाई न होने पर विधानसभा चुनाव में मतदान का बहिष्कार करने तक की धमकी दे डाली। केंद्रीय राज्य मंत्री अजय भट्ट ने प्रभावितों को आश्वस्त किया कि उन्हें दुर्गापुर समेत अन्य स्थानों पर विस्थापित कराया जाएगा। इस पर विरोध कर रहे लोग शांत हो गए। तत्पश्चात भट्ट ने क्षेत्र से विस्थापित लोगों का हाल जाना। भट्ट ने कहा कि विस्थापितों को अन्य जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। विरोध करने वालों में ममता जोशी, हरीश आर्या समेत कई लोग थे। इस मौके पर पालिकाध्यक्ष सचिन नेगी, डीएम धीराज गर्ब्याल आदि थे।
कैंट के दुकानदारों की समस्याओं को हल कराएंगे : भट्ट
नैनीताल। केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट ने सोमवार को यहां छावनी परिषद के दुकानदारों से भेंट कर उनकी समस्याएं सुनीं। दुकानदारों का कहना था कि कैंट प्रशासन सालों से काबिज दुकानदारों को बेदखल करने की साजिश रच रहा है। इस कारण कैंट के दुकानदार और उनके परिवार मानसिक प्रताड़ना की स्थिति से गुजर रहे हैं। मंत्री ने दुकानदारों को आश्वस्त किया कि वह एक बार फिर से उच्च स्तर पर वार्ता कर समस्या का समाधान कराने का प्रयास करेंगे। मंत्री भट्ट से मिलने वालों में कैंट बोर्ड के पूर्व उपाध्यक्ष बहादुर रौतेला, पूरन मेहरा, विक्की राठौर, हीरा नेगी, अशोक कुमार, शाइस्ता खान, मोहम्मद याकूब, राजू नारंग, सोनू छाबड़ा, अर्जुन कुमार आदि थे।