नैनीताल। हिमालय की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और विकास के लिए नगर के रामलीला मैदान में देवभूमि उत्तराखंड के जौनसार का पारंपरिक शायना (हारुल) लोक नृत्य का कलाकारों से भव्य प्रदर्शन किया।
अवध फोक आर्ट्स ग्रुप लखनऊ और संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम का मुख्य अतिथि रामलीला कमेटी के सचिव पूरन चंद्र पांडे ने दीप जलाकर शुभारंभ किया। विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ रंगकर्मी मदन मेहरा ने कहा कि किसी भी राज्य की पहचान उसकी लोक संस्कृति से ही होती है। अवध फोक आट्र्स ग्रुप लखनऊ के अध्यक्ष आशीष जैसवाल ने कहा कि सांस्कृतिक कार्यक्रम वरिष्ठ कलाकार किशन लाल के निर्देशन में हो रहा है।
इससे पूर्व संस्था के कलाकारों ने ओ नंदा सुनंदा तू दैण है जैये..., अजय कुमार ने लोक गीत आज कुछै मैत जा... प्रस्तुत किया गया। इसके बाद जौनसारी लोक नृत्य निलीमा किलिमा-निलीमा पाकी जौल..., मदन मेहरा की ओर से पहाड़ों को ठंडो पाणी... गीत और नृत्य प्रस्तुत किया गया।
उमेश कांडपाल के संचालन में कलाकार अजय कुमार, भुवन कुमार, रवि नेगी, गौरव कुमार, चंदन मेहरा, पूजा, मोनिका, दीपा आर्या, प्राची बिष्ट, दीक्षा आदि शामिल रहीं। सहायक निर्देशन विजय लक्ष्मी थापा, संगीत निर्देशन अजय कुमार, साउंड मोनू भाकुनी का रहा।