हल्द्वानी। जिला प्रशासन ने दैवीय आपदा से हुए नुकसान का प्रारंभिक आंकड़ा जारी कर दिया है। डीएम की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार जिले को दैवीय आपदा से 120 करोड़ का नुकसान हुआ है। इसमें सबसे अधिक नुकसान सिंचाई और लोक निर्माण विभाग को हुआ है।
डीएम धीराज गर्ब्याल ने कहा कि दैवीय आपदा से लोक निर्माण विभाग, सिंचाई, जल संस्थान, लघु सिंचाई की बड़े पैमाने पर राजकीय परिसंपत्तियां क्षतिग्रस्त हुई हैं। उन्होंने कहा कि नुकसान का यह प्रारंभिक आंकड़ा है, एक सप्ताह में पूरे नुकसान की सही स्थिति का पता चल जाएगा।
नैनीताल और यूएस नगर में धान की फसल को ज्यादा नुकसान
हल्द्वानी। तीन दिन की बारिश ने पहाड़ और मैदान में धान की फसल को काफी नुकसान पहुंचाया है। कृषि विभाग की टीम के सर्वे में बताया गया है कि ऊधमसिंह नगर और नैनीताल जनपद में किसानों की धान की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। संयुक्त कृषि निदेशक कुमाऊं पीके सिंह ने बताया कि ऊधमसिंह नगर में 48 हजार हेक्टेयर धान की फसल में जलभराव हुआ है। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि 15 से 25 प्रतिशत नुकसान हुआ है। जनपद नैनीताल में 1670 हेक्टेयर क्षेत्रफल प्रभावित हुआ है और करीब 700 हेक्टेयर में क्षति हुई है। चंपावत में टनकपुर से लगे 112 हेक्टेयर क्षेत्रफल में और अल्मोड़ा में 18 हेक्टेयर क्षेत्रफल में धान की फसल को नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि पिथौरागढ़ और बागेश्वर में फसल कट चुकी है इसलिए वहां नुकसान नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि जल्द राजस्व और कृषि विभाग की संयुक्त टीम इन जगहों का निरीक्षण करेगी उसके बाद अंतिम रिपोर्ट तैयार की जाएगी। उधर, हल्द्वानी तहसील में 414 हेक्टेयर और लालकुआं तहसील में 104 हेक्टेयर फसल प्रभावित हुई है। (संवाद)
हल्द्वानी-लालकुआं तहसील में 102 परिवार बेघर
हल्द्वानी। बारिश के कारण जलभराव होने से हल्द्वानी-लालकुआं तहसील में 102 परिवारों का खाने का सामान बरबाद हो गया। इन्हें तहसील प्रशासन की ओर से गुरुद्वारा सहित अन्य स्थानों पर ठहराया गया है। साथ ही तत्काल 3800-3800 रुपये की आर्थिक मदद भी दी है। तहसीलदार नीतेश डागर ने बताया कि प्रभावितों को तत्काल सहायता राशि दे दी गई है। लालकुआं में एक पक्का मकान क्षतिग्रस्त हुआ है।