राज्य की हरीश रावत सरकार के खिलाफ कृषि मंत्री हरक सिंह रावत के बगावत करने के बाद प्रदेश के मंडी समिति अध्यक्षों की कुर्सी भी खतरे में पड़ गई है। हरक सिंह के करीबी होने की वजह से दून सहित विभिन्न मंडी समिति अध्यक्षों पर कुछ दिनों में गाज गिरनी तय मानी जा रही है।
कांग्रेस से बगावत करने वाले कृषि मंत्री डा. हरक सिंह रावत और अन्य विधायकों के विभिन्न पदों पर काबिज रिश्तेदारों और करीबियों पर अगले कुछ दिनों में कार्रवाई होनी तय मानी जा रही है।
मंडी समिति अध्यक्षों के खिलाफ हो सकती है कार्रवाई
नरेंद्र नगर के विधायक सुबोध उनियाल के छोटे भाई एडवोकेट जनरल वीके उनियाल को हटाए जाने के कैबिनेट के प्रस्ताव के बाद अब हरक सिंह रावत के करीबी देहरादून मंडी समिति के अध्यक्ष रविंद आनंद, हरिद्वार के मंडी समिति के अध्यक्ष संजय चोपड़ा, ऋषिकेश के अध्यक्ष राकेश अग्रवाल सहित कई मंडी समिति अध्यक्षों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।
पार्टी सूत्रों की माने तो प्रदेश की 22 मंडी समिति अध्यक्षों में से अधिकतर हरक सिंह के करीबी काबिज हैं। हरक के बागी होने के बाद अब मंडी समिति के अध्यक्षों पर तलवार लटक रही है।
बागी विधायकों के समर्थन में खड़ा होना पड़ा महंगा
विधानसभा में शनिवार को जो कुछ हुआ उसमें बागी विधायकों और मंत्री के पक्ष में जो लोग खड़े दिखाई दिए अब उनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी है।
पार्टी सूत्रों का कहना है कि इनमें कुछ चेहरे साफ दिखाई दे रहे हैं, जिन्हें हटाया जाएगा। विस सत्र के दौरान पूरे समय यह लोग बागी विधायकों और मंत्रियों का समर्थन करते दिखे।