ब्लाक के अंतर्गत मांडई गांव में मरम्मत के अभाव में सिंचाई नहर खस्ताहाल है। स्थिति यह है कि नहर क्षतिग्रस्त होने से काश्तकारों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। काश्तकारों का आरोप है कि सिंचाई विभाग को अवगत कराने के बाद भी नहर की मरम्मत नहीं हो पा रही है। आक्रोशित काश्तकारों ने गांव में प्रदर्शन कर सिंचाई नहर की मरम्मत कराने की मांग उठाई है।
मांडई गांव के काश्तकार जगदीश सिंह, पूरन सिंह रावत, प्रमोद सिंह, जयपाल सिंह, ताजवर सिंह, बिरेंद्र सिंह, रणवीर सिंह, नरेंद्र सिंह, अनिल सिंह, ललित सिंह, शिव प्रसाद, गौरव सिंह, सुनील सिंह, मंगल सिंह ने बताया कि ग्राम पंचायत उमथगांव के मांडई गांव में सिंचाई के लिए 80 के दशक में हनुमंती के निकट लंगूरगाड नदी से मांडई तक करीब तीन किमी नहर बनाई गई, जो जगह-जगह टूटी पड़ी है। कहा कि गत अप्रैल में विभाग की ओर से क्षतिग्रस्त नहर की मरम्मत भी कराई गई, लेकिन पर्याप्त पानी खेत तक नहीं पहुंचा।
सहायक अभियंता एसके गौतम ने बताया कि लोनिवि दुगड्डा की ओर से सड़क का मलबा डाले जाने से नहर क्षतिग्रस्त हुई है। इस संबंध में संबंधित विभाग से पत्राचार भी किया गया है। बरसात के बाद नहर की मरम्मत कराई जाएगी।