लोनिवि दुगड्डा के भी अजब गजब कारनामे हैं। सड़क को और चौड़ा करने के लिए भाबर रोड पर दो साल पहले बिछाई गई टाइल्स को उखाड़ दिया गया है। अब वहां पर रोड़ी बिछाते हुए पूरी सड़क को 10 मीटर चौड़ा करने की तैयारी है। कई जगहों पर जल निकासी की समुचित व्यवस्था तक नहीं की गई है, इससे नई बनाई जा रही सड़क के फिर से क्षतिग्रस्त होने की आशंका बनी हुई है।
कोटद्वार नगर निगम क्षेत्र में नींबूचौड़ से लेकर चिलरखाल तक 12 किमी सड़क को 10 मीटर चौड़ा करते हुए नए सिरे से डामरीकरण (ब्लैक टॉप) करने के लिए शासन से 18 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। लोकसभा चुनाव से पहले इस मार्ग के सुदृड़ीकरण का शिलान्यास हो चुका है। चिलरखाल से कोटद्वार की ओर सड़क का निर्माण भी शुरू कर दिया गया है, लेकिन कई जगहों पर सड़क के किनारे बरसाती पानी और नालों से आने वाले पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं की गई है। जिससे क्षेत्रवासी एक बार फिर नई सड़क के जल्द क्षतिग्रस्त होने की आशंका जता रहे हैं। समाज सेवी जेपी बहुखंडी, कुबेर सिंह व नरेश सिंह का कहना है कि जीआईसी कण्वघाटी के सामने सड़क पर सिंचाई गूलों का पानी बहता रहता है। इससे सड़क पर गड्डे बन जाते हैं। पर नई सड़क बनाने से पहले सड़क पर बहने वाले पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था करनी चाहिए। यही हाल कई जगहों पर बना है। लोगों का यह भी कहना है कि दो साल पहले बिछाई गई टाइल्स को उखाड़कर फेंकना भी सरकारी धन का दुरुपयोग है। हालांकि अब लोनिवि के अधिकारी इन टाइल्स को दूसरी जगह उपयोग करने की बात कह रहे हैं। क्षेत्रवासियों ने तेलीसोत रपटे के पास सड़क तक किए गए अतिक्रमण को हटाकर निकासी नाली बनाने की मांग लोनिवि अधिकारियों से की है।
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उखाड़ी गई टाइल्स को दूसरी जगह उपयोग में लाया जाएगा। नींबूचौड़ से चिलरखाल तक सड़क को चौड़ीकरण करते हुए 10 मीटर चौड़ा करने का काम शुरू कर दिया गया है। -निर्भय सिंह, अधिशासी अभियंता, लोनिवि दुगड्डा