फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kotdwar News: बेस अस्पताल में चल रहा सात घायलों का उपचार, तीन एम्स ऋषिकेश रेफर

विज्ञापन
विज्ञापन
कोटद्वार। नौगांव मैक्सी कैब हादसे में घायल लोगों को बेस अस्पताल में उपचार जारी रहा। बेस अस्पताल में भर्ती 10 में से सात घायलों की स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है, लेकिन काफी चोट लगने से घायल दिनभर कराहते रहे। तीन गंभीर घायलों को एम्स ऋषिकेश रेफर किया गया है। उनकी हालत में भी सुधार बताया जा रहा है।
विज्ञापन

जयहरीखाल क्षेत्र के गांव गुनियाल निवासी रोहित गुसाईं की शुक्रवार को शादी थी। रिखणीखाल के गांव बसड़ा में विवाह समारोह संपन्न होने पर बरातियों के वाहन एक-एक कर वापस गुनियाल गांव की ओर लौट रहे थे। इनमें से एक मैक्स वाहन में 13 बराती और दो अबोध बच्चे सवार थे। शुक्रवार शाम रास्ते में सिसल्डी-सिलवाड़ मोटर मार्ग पर नौगांव के पास मैक्स वाहन 200 फीट गहरी खाई में गिर गया था। दुर्घटना में धीरज सिंह गुसाईं (65) निवासी गुनियाल, नूतन गुसाईं (31) निवासी कलालघाटी कोटद्वार, मुकेश (35) निवासी गुनियाल की मौत हो गई थी।
हादसे में घायल हुए लोगों में दीप्ति रावत (21) निवासी ग्राम मोहरा, सुरजी देवी (50) निवासी ग्राम गुनियाल, आयुष नेगी (16) निवासी जोगियाणा, दुगड्डा, शिवनंदन सिंह (58), निवासी ग्राम कठुरधार, पौखाल, आद्विक रावत (2) दुगड्डा, प्रीति रावत (27) निवासी दुगड्डा, दिनेश चंद्र (25) निवासी ग्राम पंजाईगांव को बेस अस्पताल के आर्थोपेडिक वार्ड में भर्ती कर उपचार दिया जा रहा है। जबकि सरदार सिंह नेगी (58) निवासी शिवपुर, कोटद्वार, कल्याण सिंह (57) और नरेंद्र सिंह (38) दोनों निवासी गुनियाल गांव को गंभीर हालात में हायर सेंटर रेफर किया गया। तीनों घायलों का एम्स ऋषिकेश में उपचार चल रहा है। वहीं, एसएसपी पौड़ी लोकेश्वर सिंह ने शनिवार को घटनास्थल का मुआयना कर थानाध्यक्ष समेत सभी अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए। एसडीएम लैंसडौन शालिनी मौर्य ने बताया कि घटना की रिपोर्ट डीएम पौड़ी को भेजी गई है।
विज्ञापन




.

मां के आंचल ने बचाई जान



कलालघाटी निवासी नूतन गुसाईं अपने सात वर्षीय पुत्र तेजस के साथ मैक्स में सवार थी। दुर्घटना में नूतन की तो मौत हो गई, जबकि तेजस को खरोंच तक नहीं आई। वहीं, महिला प्रीति को गंभीर चोट आईं, जबकि उसकी गोद में बैठा दो वर्षीय पुत्र आद्विक सकुशल बच गया। लोगों ने इसे भगवान का चमत्कार बताया।

.



मनहूस घड़ी को कोस रहे वाहन चालक के परिजन

मैक्स चालक दिनेश के भाई दिलीप ने बताया कि दिनेश पिछले चार साल से इसी मैक्स पर चालक था। कभी दुर्घटना नहीं हुई। मैक्स में सवार अन्य चालक नरेंद्र चंद्र बसड़ा गांव से ही दिनेश पर मैक्स चलाने के लिए देने का दबाव बना रहा था। आखिरकार परेशान होकर दिनेश गाड़ी का स्टियरिंग नरेंद्र को दे बैठा और करीब 10 किमी. के बाद ही यह हादसा हो गया। दिनेश के पिता और भाई मजदूरी कर बामुश्किल आजीविका कमाते हैं। दिनेश के बिस्तर पर पड़ जाने से दाल-रोटी का संकट गहरा गया है। कई लोगों ने दबी जुबान से बताया कि नरेंद्र नशे में था।



.

अस्पताल की ढुलमुल व्यवस्थाओं पर फूटा गुस्सा



भांजी नूतन की मौत, बहन सुरजि, भतीजी दीप्ति की हालत चिंताजनक होने और अन्य परिजनों के घायल होने पर बार-बार भावुक हो रहे आरएस रावत एवं अन्य तीमारदारों ने अस्पताल की ढुलमुल व्यवस्थाओं पर गुस्सा जताया। कहा कि अस्पताल में जेक-बेड नहीं है। मरीज को देखने के लिए नर्स को बार-बार बुलाना पड़ रहा है। घटना के जिम्मेदार चालक को बगैर मेडिकल रेफर कर दिया गया। वहीं, सीएमएस डॉ. विजयेश भारद्वाज ने बताया कि आईसीयू वार्ड में जेक-बेड हैं। ऐसे बेड चिकित्सक की सलाह पर दिए जाते हैं। नर्स हॉस्पिटल के अन्य कामकाज भी देखती हैं। जरूरत पड़ने पर उन्हें बुलाना ही पड़ता है। आरोपी चालक का मेडिकल न होने संबंधी जानकारी नहीं है। अगर नहीं हुआ होगा, तो एम्स में हो जाएगा। वो कार्रवाई के घेरे में तो है ही।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें