दुगड्डा ब्लाक के खिकराणा गांव में हाथी ने रौंदी फसल।
- फोटो : KOTDWAR
जुवा ग्राम पंचायत के खिकराणा तोक में हाथियों ने जमकर उत्पात मचाया। हाथियों ने किसानों के खेत में उगी गेहूं की फसल को रौंद दिया। किसानों ने वन विभाग से उनकी फसल के नुकसान का उचित मुआवजा देने और हाथी से सुरक्षा की मांग की।
दुगड्डा ब्लाक के ऐता के निकट खोह नदी से सटे हुए खिकराणा गांव में विगत तीन माह से जंगली हाथियों ने उत्पात मचाया है। शुक्रवार रात दो हाथी ऐता के रास्ते खोह नदी को पार कर खिकराणा गांव में धमक गए। हाथियों ने गेहूं की फसल से भरे हुए खेतों को रौंदकर नहर व सुरक्षा दीवार को भी नुकसान पहुंचाया।
सांसद प्रतिनिधि सुदीप बौंठियाल, ग्रामीण सुरजी देवी, मुन्नी देवी, गौरव सिंह ने कहा कि आए दिन हाथी जंगल से निकलकर ग्रामीण क्षेत्रों में धमक रहे हैं, जिससे खेती को नुकसान के अलावा हाथी-मानव संघर्ष का खतरा भी बना हुआ है। उन्होंने गांव में सुरक्षा के लिए सोलर फेंसिंग लगाने और हाथियों को क्षेत्र से दूर जंगल में भेजने के लिए पुख्ता प्रयास करने की मांग की।
खिकराणा गांव में हाथियों के फसल को नुकसान पहुंचाने की जानकारी मिली है। टीम को भेजकर मुआवजे के लिए रिपोर्ट तैयार की जा रही है। ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए रात को गश्त तेज की जाएगी। - किशोर नौटियाल, दुगड्डा रेंज अधिकारी।