विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने राजस्थान की तर्ज पर उत्तराखंड में भी पुरानी पेंशन बहाली की मांग उठाई है। इस मौके पर कर्मचारी संगठनों ने राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के फैसले का स्वागत करते हुए इसे कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया है।
उत्तराखंड सहकारिता विभाग फील्ड कर्मचारी एसोसिएशन की बैठक में वक्ताओं ने कहा कि पूर्व में देश के सभी राज्यों में कर्मचारियों और अधिकारियों को सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन देने की व्यवस्था थी, जिसे वर्ष 2004 में खत्म कर दिया गया। इसके स्थान पर न्यू पेंशन स्कीम लागू कर दी गई। कहा कि नई पेंशन स्कीम म्युचअल फंड पर आधारित है। एसोसिएशन के अध्यक्ष विनय कुकरेती, प्रदेश सचिव विकास थपलियाल, राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीपी सिंह रावत आदि ने विचार रखे। उधर, राजकीय शिक्षक संघ पौड़ी के जिलाध्यक्ष जयदीप रावत एवं महामंत्री मनमोहन सिंह चौहान ने भी प्रदेश सरकार से 1 अक्तूबर 2004 के बाद नियुक्त शिक्षक कर्मचारियों को पुरानी पेंशन का लाभ देने की मांग की है, ताकि उन्हें सेवानिवृत्ति के बाद सम्मानजनक पेंशन का लाभ मिल सके।