कोटद्वार। आमपड़ाव की खुमरा बस्ती में हुए शाहिदा बेगम हत्याकांड में कोतवाली पुलिस ने हत्यारोपी सौतेले बेटे अशरफ की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त चाकू और खून से सनी उसकी कमीज बरामद कर ली है। पुलिस ने शुक्रवार देर रात उसे गिरफ्तार कर शनिवार सुबह अदालत में पेश किया। जहां उसे पौड़ी जेल भेज दिया गया है। हत्याकांड की जांच खुद कोतवाल मणिभूषण श्रीवास्तव कर रहे हैं।
कोतवाल ने बताया कि मृतका शाहिदा के बड़े बेटे आजाद की ओर से दी गई तहरीर में मुख्य हत्यारोपी अशरफ की पत्नी नाजमा, उसकी शाली नाजरा व साढू सलीम अहमद को भी हत्याकांड में संलिप्त बताते हुए नामजद किया गया है। अशरफ को देर शाम गिरफ्तार करने के बाद उसकी निशानदेही पर चाकू और खून से सनी शर्ट बरामद की गई। शनिवार दिन में उसे सिमलचौड़ कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में पौड़ी जिला जेल भेज दिया गया है। कोतवाल ने बताया कि नामजद अन्य तीन लोगों की संलिप्तता की जांच की जा रही है। जांच के बाद जो भी तथ्य व साक्ष्य पाए जाएंगे, उसी के अनुरूप आगे की कार्रवाई होगी। अब तक की पूछताछ में यह बात सामने आई है कि अशरफ ने अपनी मां से कुछ रुपये लिए थे। जिसके लिए शाहिदा बेगम लगातार तकादा कर रही थी। 10 से 15 दिनों से हर रोज इस मामले में झगड़ा होता था। शुक्रवार दिन में भी पहले झगड़ा हुआ था। इसके बाद अशरफ के सिर पर खून सवार हो गया। कोतवाल ने बताया कि अशरफ हत्या के इरादे से ही सौतेली मां के घर पर आया था। साथ में वह बकरा काटने वाला चाकू भी लाया था। हत्या के बाद वह सीधे अपने आमपड़ाव स्थित घर गया। जहां उसने हत्या के बाद चाकू और खून से सनी शर्ट छिपा दी थी।