दुगड्डा/कोटद्वार। सिंचाई विभाग दुगड्डा के भूस्खलन व आपदा प्रभावित आमसौड़ गांव में दीर्घकालिक और अल्पकालिक सुरक्षात्मक कार्य कराएगा। जिला प्रशासन से भूगर्भीय सर्वे रिपोर्ट मिलने के बाद सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने गांव का मौका मुआयना किया। विभाग की ओर से सुरक्षात्मक कार्य के लिए ड्रोन सर्वे भी कराया गया है। जल्द ही सुरक्षात्मक कार्य के लिए डीपीआर तैयार कर स्वीकृति के लिए शासन को भेजी जाएगी।
पिछले साल 22 अगस्त को दुगड्डा ब्लॉक के आमसौड़ गांव में केलापाणी और कटेला डांडा की पहाड़ी में भूस्खलन हुआ था। तब सूचना पर पुलिस प्रशासन ने गांव पहुंचकर फंसे हुए परिवारों को सुरक्षित निकाला था। इस साल भी गत छह अगस्त को गांव में भारी मात्रा में मलबा एनएच पर आ गया था। इसके बाद 23 अगस्त को हुई भारी बारिश के दौरान पहाड़ी से हुए भूस्खलन के बाद एनएच के रास्ते मलबा सड़क के निचले इलाके में बने आवासीय भवनों में घुस गया था। इस दौरान कोटद्वार पौड़ी एनएच करीब 14 घंटे बाधित रहा। खतरे को देखते हुए ग्रामीण लगातार गांव का जू-लॉजिकल सर्वे कराने, पहाड़ी का ट्रीटमेंट कराने या फिर उनके विस्थापन व पुनर्वास की व्यवस्था की मांग करते आ रहे हैं।
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यह है आमसौड़ गांव की भूगर्भीय रिपोर्ट
ग्रामीणों की मांग पर जिला प्रशासन की ओर से उत्तराखंड भूस्खलन न्यूनीकरण एवं आपदा प्रबंधन विभाग को पत्र भेजा गया था। उत्तराखंड भूस्खलन न्यूनीकरण एवं आपदा प्रबंधन विभाग के सहायक अभियंता ने गत 6 अगस्त को किए गए भूगर्भीय सर्वेक्षण की रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंप दी है। रिपोर्ट में लघुकालिक सुरक्षात्मक कार्य के रूप में प्रवाह क्षेत्र में अस्थिर पत्थरों और बहकर आई लकड़ियों को हटाने, बारिश के दौरान स्क्रैप क्षेत्र में वृद्धि को रोकने के लिए स्क्रैप क्षेत्र को तिरपाल शीट से ढकने, गांव के ऊपर की ओर चट्टान गिरने से रोकने के लिए अवरोधक लगाने, गांव में चेतावनी सायरन के साथ ही वर्षा गेज लगाने, अन्य गांव की सड़क के लिए ब्रेस्ट वॉल और क्रॉस ड्रेनेज के कार्य कराने की संस्तुति की गई।
दीर्घकालिक सुरक्षात्मक कार्य के रूप में अस्थिर क्षेत्र की जेंटाइल कटिंग और कटाव नियंत्रण, वनस्पति मा एंकर और एंकर बार से कवर करने, इस हिस्से पर क्रिब वर्क या गेबियन गली चिनाई करने, ढहे हुए क्षेत्र में छोटी लकड़ी या स्टील की बाड़ का काम, ढलान वाले क्षेत्र में जल चैनल का काम और सामने की ओर धारा के साथ वर्षा के पानी को चैनलाइज करने, ड्रॉप वर्क के साथ सादा सीमेंट कंक्रीट चैनल करने, नोम फ्रेम युक्त वाटर नेट लगाने समेत अन्य कार्य कराने की संस्तुति की गई है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष कुमार चौहान ने सिंचाई विभाग दुगड्डा को भू-सर्वेक्षण रिपोर्ट के अनुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए है।
गांव का मौका मुआयना करने के बाद ड्रोन सर्वे करा दिया गया है। सर्वे रिपोर्ट में सुझाए गए दीर्घकालिक और लघुकालिक सुरक्षात्मक कार्यों के लिए डीपीआर तैयार की जा रही है, जिसे जल्द ही स्वीकृति के लिए शासन को भेजा जाएगा।
- गौरीशंकर भंडारी, अपर सहायक अभियंता सिंचाई विभाग दुगड्डा।