दुगड्डा के सरूड़ा-जुवा मार्ग पर घटनास्थल के पास लगाया गया पिंजरा।
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गुलदार को पकड़ने के लिए सरूड़ा गांव की सरहद पर लगाए गए पिंजरे में गुलदार नहीं फंसा है। ऐसे में दुगड्डा ब्लाक के सरूड़ा, सकाली से लेकर जुवा और भैड़गांव तक गुलदार की दहशत बनी है। वन विभाग की टीम के साथ गांव के युवाओं की टीम भी रात्रि गश्त कर रही है। वहीं दिन ढलते ही लोग घरों में कैद होने के लिए मजबूर हैं। बच्चों को स्कूल छोड़ने और लाने के लिए भी ग्रामीणों ने टोली बना दी है।
एक दिसंबर को भैड़गांव निवासी 65 वर्षीय जयंती कंडवाल को गुलदार ने मार डाला था। तब से इस घटना के बाद से जुवा और भैड़गांव समेत आसपास के करीब दर्जनभर गांवों में दहशत बनी है। लैंसडौन वन प्रभाग की दुगड्डा रेंज की ओर से सरूड़ा गांव की सरहद पर पिंजरा लगाया गया है। युवा समिति के अध्यक्ष मनोज कंडवाल, पूर्व शिक्षक किशोर कंडवाल ने कहा कि गुलदार आदमखोर हो चुका है, ऐसे में दूसरी घटना होने से पहले उसे मार देना चाहिए। ग्रामीणों की ओर से चेतावनी दी गई है कि घटना की पुनरावृत्ति हुई तो सरकार और वन विभाग के खिलाफ सड़कों पर उतरकर आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा। रेंज अधिकारी किशोर नौटियाल ने बताया कि गुलदार की गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। दो तीन दिन में यदि गुलदार पिंजरे में नहीं फंसता है तो पिंजरे की लोकेशन बदल दी जाएगी।