नेशनल हाईवे के बाद नगर निगम ने बुधवार को गोखले मार्ग से अतिक्रमण हटा दिया। नगर निगम की टीम जैसे ही जेसीबी मशीन लेकर गोखले मार्ग पहुंची सड़क पर बैठे फल-सब्जी वालों ने अपना सामान समेट लिया। इस दौरान टीम ने करीब पांच जगहों पर दुकानों के आगे डाले गए टिन शेड और नाले के ऊपर अतिक्रमण कर लगाई गई सीढि़या तोड़ दी।
निगम ने फिलहाल अस्थायी अतिक्रमण हटाया है, जबकि व्यापारियों की मांग पर स्थायी अतिक्रमण हटाने के लिए उन्हें 15 दिन का समय दिया है। नगर निगम प्रशासन की ओर से गोखले मार्ग पर 72 अतिक्रमण चिह्नित हैं। जिसमें से 59 नगर निगम की नजूल भूमि और बरामदों पर हैं। बाकी 13 अतिक्रमण सिंचाई विभाग की नहर के ऊपर चिह्नित हैं।
नगर निगम प्रशासन की ओर से जुलाई में गोखले मार्ग पर नगर निगम की नजूल भूमि पर हुए अतिक्रमण को हटाने के लिए अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी किए गए थे। उन्हें अतिक्रमण हटाने के लिए 15 दिन का समय दिया गया था। आपत्ति होने पर 10 दिन के भीतर प्रत्यावेदन देने के लिए कहा गया था। इसके बाद नगर निगम प्रशासन ने जनसुनवाई कर सभी आपत्तियों का निस्तारण कर दिया था। एक सितंबर को नगर निगम की टीम ने गोखले मार्ग पर फिर से अतिक्रमण चिह्नित कर लाल निशान लगाए थे। लेकिन इसके बाद भी भवन स्वामियों और व्यापारियों ने अभी तक कब्जे नहीं हटाए थे। सोमवार को निगम ने गोखले मार्ग पर मुनादी करवाकर कब्जे हटाने के लिए 48 घंटे का समय दिया था। बुधवार को टीम जेसीबी के साथ गोखले मार्ग पहुंची और पांच जगहों पर दुकानों के आगे डाले गए टिन शेड और दुकानों की भीतर आवाजाही के लिए बनाई गईं सीढि़यां ध्वस्त कर दी।
व्यापारियों ने नगर निगम में शपथपत्र देकर स्वयं अतिक्रमण हटाने के लिए 15 दिन का समय मांगा है। ऐसे व्यापारियों को छोड़कर अन्य के अतिक्रमण हटा दिए गए हैं। 15 दिन बाद फिर से अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान चलाया जाएगा। -वैभव गुप्ता, नगर आयुक्त