यमकेश्वर ब्लाक के अंतर्गत हिंवल नदी पर बनी परंदा पंपिंग पेयजल योजना ठप होने से 24 गांवों में पेयजल संकट पैदा हो गया है।
80 के दशक में यमकेश्वर ब्लाक के दो दर्जन से अधिक गांवों के लिए हिंवल नदी पर परंदा पंपिंग पेयजल योजना के निर्माण को स्वीकृति मिली थी। जल निगम ने योजना का निर्माण और कई साल तक संचालन करने के बाद वर्ष 2011 में अन्य योजनाओं की तरह इस योजना को भी जल संस्थान को हस्तांतरित कर दी, लेकिन इसकी बाद मरम्मत और रखरखाव के अभाव में पेयजल योजना जर्जर हो गई है। वर्तमान में स्थिति यह है कि सरवाल रौड़ गांव में गत कई माह से पेयजल की आपूर्ति नहीं हो रही है।
वहीं, बीते मंगलवार को डांगी में बनी पेयजल योजना के मेन टैंक पर आईपीएस फर्स्ट की मोटर फुंकने से डांगी, परंदा, पठोला, खोबरा, थनूर, भृगुखाल, डांडा बिनक, बंचूरी, रावत गांव, बगोडगांव, ढुंगा अकरा, सकरा, धार, चोपड़ा, रिखेड़ा और ढुंगा गांवों पेयजल आपूर्ति ठप पड़ी है। क्षेत्र के विजय लखेड़ा और मनोज लखेड़ा ने बताया कि योजना का संचालन सुचारु करने की मांग की।
पूर्व विधायक शैलेंद्र सिंह रावत ने कहा कि वे ईई को आपूर्ति सुचारु करने के लिए कह चुके हैं, लेकिन समस्या जस की तस है।
डांगी गांव में मुख्य टैंक की आईपीएस फर्स्ट की मोटर फुंकने के कारण पेयजल की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। पंप को ठीक कर जल्द क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति सुचारु कर दी जाएगी।
-देवकी नंदन जोशी, सहायक अभियंता जल संस्थान कोटद्वार।