विशेष सत्र न्यायाधीश पोक्सो एक्ट और जिला एवं सत्र न्यायाधीश पौड़ी की अदालत ने अनुसूचित जाति की किशोरी को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले के दो आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त करार दिया है।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता अमित सजवाण और केपी बमराडा ने बताया कि एक गांव निवासी व्यक्ति ने 7 नवंबर 2019 को अपनी पुत्री की गुमशुदगी रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने 10 नवंबर को किशोरी को एक लड़के के साथ कोटद्वार में मालवीय उद्यान के निकट से बरामद किया। पूछताछ में पीड़िता ने अपने साथ के व्यक्ति का नाम किशन भंडारी बताया। विवेचना के दौरान दूसरे आरोपी धर्मेंद्र का नाम भी प्रकाश में आया। मामले में पुलिस ने किशन को गिरफ्तार किया। 18 नवंबर को पुलिस ने दूसरे आरोपी धर्मेंद्र को गिरफ्तार किया। पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य एवं विवेचना में आए कारणों के आधार पर अभियोजन पक्ष आरोपियों पर दोष सिद्ध करने में असफल रहा।