केदारघाटी में लोगों की आवाजाही पर पाबंदी पर शासन-प्रशासन की नीति एक नहीं है। अधिकारी कह रहे हैं कि स्थानीय लोगों की आवाजाही पर रोक नहीं है।
बल्कि बाहरी व्यक्तियों को केदारनाथ जाने से रोका जा रहा है। जबकि जमीनी हकीकत यह है कि केदारघाटी में अपने घर जा रहे लोगों को बिना पूछताछ और रोकटोक के नहीं जाने दिया जा रहा है। कई बार ऐसी स्थिति ऐसी आ रही है कि पुलिस के प्रतिबंध के कारण लोग रात को अपने घर नहीं जा पाए।
पढें, सरकार को महंगी पड़ गई केदारनाथ पूजा
हालांकि लोगों के विरोध को देखते हुए सरकार बैकफुट पर आई है। अब गुप्तकाशी में मेडिकल चेकअप के बाद लोगों को सोनप्रयाग से केदारनाथ पैदल जाने दिया जा रहा है।
अपने घर नहीं जा पाया
पिछले 10 दिनों से केदारघाटी के लोग को अघोषित कर्फ्यू झेलना पड़ रहा है। हर जगह खाकी वर्दी और बंदूकधारी दिखाई दे रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमेश पोखरियाल निशंक के केदारनाथ कूच के बाद बुधवार को इस अघोषित कर्फ्यू में थोड़ा ढील दिखी।
सोनप्रयाग में दुकान चलाने वाले डीएस सिंह ने बताया कि उसका घर रामपुर में है। दो दिन पूर्व फाटा में कोई पहचान पत्र न दिखा पाने के कारण रात अपने घर नहीं जा पाया। बुधवार को निशंक के आने पर सोनप्रयाग में लोग दिखाई दे रहे हैं।
पढें, केदारनाथः भक्तों के पांव पर सरकार का 'ब्रेक'
पैदल केदारनाथ जा रहे तीर्थ पुरोहित प्रकाश कपरुवाण और संतोष तिवारी ने बताया कि केदारनाथ में उनके मकान हैं। लेकिन उनको पैदल नहीं जाने दिया जा रहा था। पूर्व सीएम के कारण वह केदारनाथ जा पा रहे हैं।
गांव तक नहीं जाने दिया
स्थानीय लोगों को पुलिस ने अपने गांव तक नहीं जाने दिया। ऐसा व्यवहार किया जा रहा है कि जैसे कोई भारत से चीन जा रहा हो। ऐसा तो गुलाम भारत में भी नहीं हुआ। आशा नौटियाल, पूर्व विधायक केदारनाथ क्षेत्र
स्थानीय व्यक्तियों के केदारनाथ जाने पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया है। सुविधाओं की कमी के कारण सिर्फ बाहरी व्यक्ति को नहीं जाएगा। जाने से पूर्व मेडिकल कराना आवश्यक है। आलोक पांडेय, एडीएम
तस्वीरों में देखें...राजनीति के बीच केदारबाबा का 'महाभिषेक'
फाटा में दे रहे चेतावनी
फाटा। फाटा में एनाउंस कर आगे बढ़ने वालों को आगाह किया जा रहा है। इसमें कहा जा रहा है कि पैदल मार्ग की स्थिति अच्छी नहीं है। मार्ग में खाने-पीने और चिकित्सीय सुविधाओं का अभाव है। ऐसे में आगे बढ़ना उचित नहीं है। जान-माल को खतरा हो सकता है। इसके बावजूद जो आगे बढ़ना चाहता है, तो उसकी अपनी जिम्मेदारी होगी।