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केदारनाथः कपाट तो खुले, लेकिन कैसे पहुंचेंगे भक्त

Thu, 12 Sep 2013 12:17 AM IST
अमर उजाला, लखपत रावत, रुद्रप्रयाग
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भले ही केदारनाथ मंदिर के कपाट आपदा के 86 दिन बाद फिर से पूजा अर्चना के बाद खोल दिए गए हैं। लेकिन अभी भी धाम तक पहुंचने की राह आसान नहीं है।
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गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग की स्थिति देखें तो अभी तक मार्ग पूरा नहीं बन पाया है। वहीं कुछ स्थानों पर मार्ग इतना जानलेवा है कि हल्की चूक जान पर भारी पड़ सकती है।

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कपाट खोल दिए गए
पैदल मार्ग से केदारनाथ को रवाना हुए पूर्व सीएम डॉ रमेश पोखरियाल निशंक ने भी मार्ग की खस्ताहाल स्थिति पर आक्रोश जताया।

बुधवार को धार्मिक क्रियाओं के बाद बाबा केदारनाथ मंदिर के कपाट खोल दिए गए है। सरकार द्वारा दावा किया जा रहा है कि धाम में व्यवस्थाएं सामान्य हो रही हैं और जल्दी ही केदारनाथ यात्रा को शुरु किया जाएगा।
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दुरुस्त नहीं हो पाया मार्ग
लेकिन गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग की बदतर स्थिति इस दावे की पोल खोल देती है। आपदा के कारण क्षतिग्रस्त पैदल मार्ग अभी तक दुरुस्त नहीं हो पाया है।

हालांकि मौसम भी इसमें एक कारक हैं, लेकिन जब तक मंदिर पहुंच पैदल मार्ग दुरुस्त नहीं होता है तब तक कैसे यात्रा शुरु हो पाएंगी। यही सवाल हर किसी के जेहन में कौंध रहा है।

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खस्ताहाल स्थिति से खफा
केदारनाथ को सोनप्रयाग से पैदल रवाना हुए पूर्व सीएम डॉ रमेश पोखरियाल निशंक भी मार्ग की खस्ताहाल स्थिति से खासे खफा दिखें।

उन्होंने कहा कि पैदल मार्ग अभी तक पूरी तरह से सही नहीं हो पाया है। लेकिन सरकार द्वारा मंदिर में जल्दबाजी में पूजा शुरु कर दी गई। ऐसे में कैसे भक्त भगवान तक पहुंच पाएंगे।
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हवाई सेवा भी पूरी तरह मौसम पर निर्भर
गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग क्षतिग्रस्त होने के कारण हवाई सेवा ही केदारधाम पहुंचने का एक मात्र माध्यम है। लेकिन केदारघाटी में पल-पल बदलता मौसम इसमें बाधा डाल सकता है।

बुधवार को भी मौसम खराब होने के कारण सूबे के मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा भी केदारनाथ में पुन: पूजा शुरु होने व कपाट खुलने के मौके पर नहीं पहुंच पाए थे।

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