पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर राष्ट्रपति की ओर से 31 मार्च को जारी उत्तराखंड से संबंधित बजट अध्यादेश को शुक्रवार चुनौती दी।
कोर्ट ने याचिका पर लगभग दो घंटे तक सुनवाई के बाद केंद्र सरकार और स्पीकर को 5 अप्रैल तक जवाब देने को कहा है। साथ ही न्यायालय ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 6 अप्रैल की तिथि नियत की है। पूर्व सीएम हरीश रावत की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता व पूर्व केंद्रीय कानून मंत्री कपिल सिब्बल ने पैरवी की।
मुख्य न्यायाधीश केएम जोसेफ एवं न्यायमूर्ति वीके बिष्ट की खंडपीठ के समक्ष शुक्रवार को मामले की सुनवाई हुई। पूर्व सीएम रावत ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर राष्ट्रपति की ओर से 31 मार्च, 2016 को जारी उस अध्यादेश को चुनौती दी, जिसमें उत्तराखंड के वित्त विधेयक को केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा पारित किया गया है।
याचिका में कहा कि वित्त विधेयक उत्तराखंड में विधानसभा पहले ही पारित कर चुका है। ऐसे में, केंद्र उसे पुन: पारित नहीं कर सकता। याचिका में कहा कि वित्त विधेयक विधानसभा में पारित हुआ या नहीं हुआ। इसका निर्णय केवल विधानसभा अध्यक्ष की कर सकता है।