उत्तराखंड में मचे सियासी तूफान के बीच फेसबुक, व्हाट्सएप और अन्य प्लेटफार्म के जरिए राजनीतिक उथल-पुथल को लेकर गुदगुदाते और कटाक्ष करते हुए जोक्स, जुमले और बयान बेरोकटोक शेयर किए जा रहे हैं।
हद तो यह कि व्हाट्सएप पर मुख्यमंत्री हरीश रावत का बतौर एक्सक्लूसिव मजाकिया बयान भी जारी किया गया है- अगर जरूरत पड़ी तो रखे जाएंगे अतिथि विधायक, संविदा पर होगी नियुक्ति, 89 दिनों का होगा पहला कार्यकाल उसके बाद कार्यकाल बढ़ाया जा सकता है, अन्य राज्यों से मंगाए जा सकते हैं अतिथि विधायक।
फेसबुक पर कुछ कहते हैं कि एक घोड़े की कीमत हरदा ने नौ घोड़े देकर चुकाई। वहीं इसी पर एक महाशय पोस्ट करते हैं कि गर्दिश में तो घेर लेते हैं कुत्ते भी शेर को...।
एक फेसबुक वॉल पर बागी पर ही निबंध लिखा हुआ है जिसके अनुसार गढ़वाल में बागी नर भैंसा अथवा झोटे को कहा जाता है। बागी अत्यधिक जिद्दी, उद्दंड और दुर्निवार होता है। यह जिसके खेत में घुस जाता है, उसे बर्बाद ही कर डालता है।
एक कटाक्ष कुछ यूं है कि हरदा ने पिचकारी के पैसे नहीं दिए और हरकुआ अमितदा से मांगने गया है, शाम तक हाथ पैर जोड़ कर मिल गए तो ठीक नहीं तो... होली है। दूसरी जगह लिखा है किसी चुनाव में गाय और किसी में घोड़ा- विकास का मुद्दा पूरी तरह गायब।
कुछ और मजेदार जुमले...
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- फोटो : concept photo
सोशल मीडिया को दिए एक राजनीतिक बयान में किसी ने कहा कि हरक सिंह हमेशा गले की फांस रहा है। बाकि बहुगुणा को
पुत्र मोह मार गया। बाकी अब बैठेगी झूठों की यारी... हरक, बहुगुणा और कोश्यारी।
इसी तरह एक ट्वीट में लिखा है कि राजनीति में लंगड़ा घोड़ा भी काम आता है। दूसरा ट्वीट है काजू भूनी प्लेट में व्हिस्की ग्लास में, उतरा है रामराज्य विधायक निवास में...।
फेसबुक में ब्रेकिंग न्यूज भी चल रहा है- उत्तराखंड में अब मुख्यमंत्री का पद उपनल से भरा जाएगा। और हां, रमसा से कैबिनेट मंत्री और पीआरडी से दायित्वधारियों की होगी सीधी भर्ती।
शैक्षिक योग्यता होगी- तिकड़म बाज, तोड़-फोड़, पुतला दहन व झूठा होने के साथ ही दिन में सड़क जाम और रात को जाम टकाराने में दो वर्षीय डिप्लोमा या नकलकर थर्ड डिवीजन में 8वीं से लेकर ग्रेजुएट तक पढ़ा हो।
वहीं व्हाट्सएप पर शेयर किए जा रहे मैसेज में कुछ यूं है- उत्तराखंड की हरीश रावत सरकार खतरे में, कभी भी गिर सकती है सरकार।