उत्तराखंड की सियासत में भूचाल लाने वाले अहम किरदारों में से एक कृषि मंत्री हरक सिंह रावत का कहना है कि उन्होंने मुख्यमंत्री हरीश रावत को संभलने का बहुत समय दिया, लेकिन वे नहीं समझे। अपनी चलाते रहे। इसलिए वह तो सरकार गिराने के मौके की तलाश में थे। उचित समय आया तो उन विधायकों को एकजुट किया जिनमें सरकार के खिलाफ असंतोष था।
शनिवार दोपहर गुड़गांव के होटल लीला में रावत ने दावा किया कि कुछ और असंतुष्ट विधायक उनके संपर्क में हैं। यह संख्या 18 तक जा सकती है। उन्होंने कहा कि अवैध खनन करने वालों ने गंगा नदी खोद डाली। अवैध शराब बेचने वाले उत्तराखंड को तबाह कर रहे हैं। जमीन घोटाले हो रहे हैं। गुंडागर्दी बढ़ रही है।
ऐसे माफियाओं के आगे किसी की कोई इज्जत नहीं रह गई थी इसलिए बजट सत्र में सरकार को अल्पमत में लाकर खड़ा करने का निर्णय लिया गया। जब सरकार वन मैन शो बन जाए और किसी की सुनवाई न हो तो ऐसा ही करना पड़ता है।