आयल एंड नेचुरल गैस कमीशन (ओएनजीसी), देहरादून फ्रंटियर बेसिन टीम ने उत्तर प्रदेश स्थित मऊ जनपद में गैस का भंडार खोजा है।
मऊ जिले की इंदारा साइट पर जल्द ही कुओं की खुदाई (एक्सप्लोरेशन) का काम शुरू होने वाला है। टीम के मुताबिक यहां से ओएनजीसी को 2-3 बिलियन क्यूबिक फीट गैस मिलने की उम्मीद है।
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उधर, गंगा बेसिन (यूपी, बिहार) और विंध्य बेसिन (राजस्थान, एमपी) में भी कवायद रंग ला रही है। विंध्य बेसिन में दो कुओं नोहता और दमोह की आंशिक खुदाई की गई है।
हाइड्रोकार्बन ईधन भंडारों के लिए अध्ययन शुरू
हाइड्रोकार्बन उत्पाद (पेट्रोल, नेचुरल गैस, सीएनजी, एलपीजी, गैसोलिन, केरोसिन, नेप्था) काफी समय से ईधन के बड़े स्रोत के रूप में उभरे हैं। उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश समेत कई राज्यों में इसके स्रोत पाए जाने की संभावना जताई गई है।
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इसे देखते हुए ओएनजीसी ने उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, यूपी, एमपी, बिहार, राजस्थान के अलग-अलग क्षेत्रों में हाइड्रोकार्बन पदार्थों के भंडारों की खोज के लिए जियो साइंटिफिक अध्ययन शुरू कर दिया है।
पिछले 22 साल में सबसे बेहतर 84.84 मिलियन टन
फ्रंटियर बेसिन के एक वरिष्ठ वैज्ञानिक के अनुसार ओएनजीसी की देश की ऊर्जा सुरक्षा में अहम भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
तेल और गैस रिजर्व बढ़ाने के प्रयासों की बदौलत इस साल इसका रिजर्व पिछले 22 वर्षों में सबसे बेहतर 84.84 मिलियन टन रहा है।